ललितपुर। जिला अस्पताल भले ही मरीजों को उपचार दे रहा हो, लेकिन खुद का इलाज नहीं कर पा रहा है। यहां पर कचड़े के साथ ही खुले में मेडिकल कचड़ा भी पड़ा रहता है, जिसको छुट्टा घूम रहीं गायें खाती हैं और बीमार हो रहीं हैं। साथ ही मरीजों को भी संक्रामक बीमारियां होने का भय बना रहता है।