विकसित भारत यात्रा में नहीं पहुंचे थे समय से

नववर्ष पर अत्यधिक भीड़ को देखते हुए उक्त स्थल पर सकुशल शांति व्यवस्था कायम रखने एवं कोविड-19 संक्रमण से बचाव हेतु शासन द्वारा समय-समय पर निर्गत गाइड लाइन आदेशों-निर्देशों को कड़ाई से अनुपालन कराये जाने हेतु नव वर्ष पूर्व 31 दिसंबर से फर्स्ट जनवरी तक सुपर जोनल मजिस्ट्रेट जोनल मजिस्ट्रेट तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किये हैं।

जिलाधिकारी ने लिया नुकसान का जायजा ।नहर की साफ-सफाई ठीक से न होना बताया कारण।

कुशीनगर में सपा सचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा

कुशीनगर जिले में बढ़ते ठंड और गलन की वजह से लिया गया निर्णय

दोयम दर्जे के ईंट से हो रहे शौचालय निर्माण पर जताई नाराजगी। ठेकेदार को नोटिस जारी करने का दिया निर्देश।

कुशीनगर में पहली तारीख को लगेगा विशाल मेला। देश विदेश से मेले में पहुंचते हैं लोग

कोरोना प्रोटोकॉल के तहत कुशीनगर जिला अधिकारी ने 6 महीने का संपूर्ण समाधान दिवस का रोस्टर जारी किया

हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए... सुनिए हंसी-मज़ाक में डूबे हंसगुल्ले और रिकॉर्ड कीजिए अपने चुटकुले, मोबाइल वाणी पर, फोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

सरकार हर बार लड़कियों को शिक्षा में प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग योजनाएं लाती है, लेकिन सच्चाई यही है कि इन योजनाओं से बड़ी संख्या में लड़कियां दूर रह जाती हैं। कई बार लड़कियाँ इस प्रोत्साहन से स्कूल की दहलीज़ तक तो पहुंच जाती है लेकिन पढ़ाई पूरी कर पाना उनके लिए किसी जंग से कम नहीं होती क्योंकि लड़कियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और पढ़ाई करने के लिए खुद अपनी ज़िम्मेदारी लेनी पड़ती है। लड़कियों के सपनों के बीच बहुत सारी मुश्किलें है जो सामाजिक- सांस्कृतिक ,आर्थिक एवं अन्य कारकों से बहुत गहरे से जुड़ा हुआ हैं . लेकिन जब हम गाँव की लड़कियों और साथ ही, जब जातिगत विश्लेषण करेंगें तो ग्रामीण क्षेत्रों की दलित-मज़दूर परिवारों से आने वाली लड़कियों की भागीदारी न के बराबर पाएंगे। तब तक आप हमें बताइए कि * -------आपके गाँव में या समाज में लड़कियों की शिक्षा की स्थिति क्या है ? * -------क्या सच में हमारे देश की लड़कियाँ पढ़ाई के मामले में आजाद है या अभी भी आजादी लेने की होड़ बाकी है ? * -------साथ ही लड़कियाँ को आगे पढ़ाने और उन्हें बढ़ाने को लेकर हमे किस तरह के प्रयास करने की ज़रूरत है ?