तमकुहीराज क्षेत्र के बांसी नदी पर स्थिति शिवा घाट पर आज कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं ने सूर्य उदय के साथ बंसी नदी में डुबकी लगाई, फिर संकल्प के साथ दान किया। इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

सेवरही नगर से बीती रात पुरानी बाजार से सभासद प्रतिनिधि राजा जायसवाल की बाइक चोरी चली गयी। इस घटना को सभासद पप्पू जायसवाल ने सेवरही पुलिस के कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि बीते दिनों सभासद सुधीर तिवारी की बुलेट मोटरसाइकिल चोरी हो गयी थी। सेवरही के नगर के नागरिकों का आरोप है कि नगर से कई बाइकों की चोरी हो चुकी हैं, पुलिस न बाइक ही बरामद कर पाई और न बाइकों की चोरी ही रुक पाई हैं। ऐसे में पुलिस चौकी का घेराव ही आम मात्र रास्ता बचा हैं।

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उत्तरप्रदेश राज्य के कुशीनगर में कार्तिक पूर्णिमा पर नेपाल की पहाड़ियों से यूपी-बिहार की सीमा में बहने वाली बांसी नदी पर दोनों प्रान्तों से लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बाँसी नदी में एक डुबकी लगाने से काशी में सौ बार जाकर स्नान-ध्यान करने का लाभ मिलता है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए योगी सरकार व क्षेत्रीय विधायक ने घाट पर लोगो के लिए निशुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी कराई है। वही सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस भी चौकस है पर कुशीनगर जिला अबकारी विभाग की मेहरबानी से इस पवित्र मेले में दश बजे के बाद भी शराब की बिक्री बड़े पैमाने पर कराई। *भगवान राम की बारात से लौटने पर यही रुकी थी* उत्तर प्रदेश के काशी में अपने जीवन के अंतिम दिन बिताने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां नदी में स्नान करने से व्यक्ति पुण्य का भागीदार होता, जीवन के समस्त अवरोधों से मुक्ति मिलती। लेकिन कुशीनगर जिले से होकर बहने वाली बॉसी नदी में ये मान्यता काफी लम्बे समय से चली आ रही है कि सौ बार काशी के बराबर एक बार बॉसी का स्नान करने से पुण्य मिलता है। कुशीनगर जिले के जंगल सिंघापट्टी गांव से होकर गुजरने वाली बांसी नदी के किनारे भगवान राम ने माता सीता और बारातियों संग रात बिताई थी।मान्यता के मुताबिक भगवान राम ने त्रेता युग में जनकपुर में माता सीता से विवाह के बाद अयोध्या के लिए रुख किया था। बांसी पहुंचते-पहुंचते दिन ढलने लगा था। देवरण्य क्षेत्र में रूप में प्रसिद्ध यह जगह जंगलों से घिरा था और जंगली जानवरों का बसेरा था। वे खुले रूप से विचरण करते थे। इस वजह से भगवान राम की बारात से लौटने वालों की सुरक्षा में वजह से बारात यहीं रुक गयी। रात्रि विश्राम किया। सुबह बांसी में भगवान श्रीराम ने स्नान भी किया था फिर बांसी नदी तट पर रात्रि विश्राम के बाद सुबह स्नान पश्चात उन्होंने शिवलिंग बना पूजा की। घने जंगल मे स्थापित इस पिंडी के बारे में जानने वाले स्थानीय लोगों ने यहां पूजन-अर्चन शुरू कर दी थी। अब यहां आने वाला हर श्रद्धालु बांसीघाट स्थित इस शिव मंदिर में पूजन-अर्चन किये बगैर नहीं लौटता। इस मान्यता को मानते हुए कई प्रदेशों से श्रद्धालु कुशीनगर व बिहार के बॉर्डर पर स्थित बांसी आते। कार्तिक पूर्णिमा पर लाखो की संख्या में लोग बांसी नदी में स्नान करके मेले में लोग पूजा पाठ करते है। बांसी का यह क्षेत्र भगवान राम और उनसे जुड़े संस्मरण विभिन्न समय, काल और स्थान से जुड़ा है। इसलिए पवित्र मेंले में दूर दराज से आये श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार और क्षेत्रीय विधायक ने निःशुल्क रहने की व्यवस्था और भण्डारा का प्राविधान किया गया। लेकिन इस पवित्र बांसी नदी में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान में आये यूपी बिहार के श्रद्धालुओं के बीच बियर के ठेके खोलकर बिक्री कराई गया तो वही खिरकिया में स्थित देशी शराब की दुकान में ओवररेटिंग के साथ रात भर शराब बेची गयी। जहां बासी स्नान के बाद दान करने का काफी महत्व है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक उत्तर प्रदेश-बिहार राज्य की सीमा पर स्थित सुबह स्नान के बाद भगवान श्रीराम शिव की आराधना करते हैं। लोग भी उसी श्रद्धा और परम्परा को मानते पर आबकारी अधिकारी की सह पर पुलिस के ही सामने अधिक रेट पर श्रद्धालुओं को शराब पिलाई गयी। *दिखाने के लिए कुछ समय रुकी बिक्री फिर जस का तस* जब मोबाइल वाणी ने कुशीनगर आबकारी अधिकारी ज्ञानेंद्र पाण्डेय से बात की तो उन्होंने मामले से खुद को अनभिज्ञ बताते हुए। इंस्पेक्टर को भेज दिखाने का रटा रटाया बयान दिया। जिसके बाद 20 मिनट के अंतराल बाद ही फिर बिक्री शुरू कर दी गयी।

तरयासुजान पठानी टोला में लगातार दूसरे वर्ष दो दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन यूनिटी ब्लड टेस्ट एंड मेडिकल कैंप (केएमसीटी) के बैनर तले किया गया जिसमे शनिवार को शिवराज, मदन कुमार, संजीव कुमार जहान खान ने 150 से ज्यादा लोगों के ब्लड सैंपल लेकर, शुगर, थायराइड, लीवर, किडनी,हार्ट जैसे विभन्न प्रकार के गंभीर बीमारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण किया। वही दूसरे दिन रविवार को डॉक्टर रागिब हसन प्रसिद्ध गैस्ट्रोलॉजिस्ट और डॉक्टर नेहा परवीन जो प्रसिद्ध बच्चों की डॉक्टर हैं दोनो ने सभी मरीजों का निशुल्क चिकित्सा प्रदान किए जिसमें अधिकांश लोग लीवर, शुगर, हार्ट जैसे गंभीर बिमारी से लोग ग्रसित दिखे। उक्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन समाजसेवी दानिश अहमद खान द्वारा किया गया था।

रविवार को सीएचसी तमकुही में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने मोबाइल वाणी टीम के साथ अपने को जोड़कर गौरव का अनुभूति किया। इस दौरान सीएचसी तमकुही के प्रभारी डॉ. अमित राय ने वर्तमान समय में मोबाइल वाणी पर चल रहे खबरों, स्वास्थ्य, खेल, कृषि, ज्ञान विज्ञान की चर्चा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आज के युग में मोबाइल वाणी काफी सार्थक सिद्ध हो रहा। आम आदमी अपनी समस्या को स्वयं उठा सकता हैं। उन्होंने कहा कि मैं मोबाइल वाणी को सुनता हूँ। और मुझे स्वास्थ्य सम्बन्धी क्षेत्र की कोई भी समस्या यहां सुनने को मिलेगी तो मैं उसका तत्काल निराकरण करूंगा। इस दौरान डॉक्टर दिग्विजय राय, चीफ फ़र्मशिस्ट पवन मिश्र के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

पटहेरवा के पटहेरिया चौराहे के फोरलेन क्रासिंग पर आये दिन हो रही बड़ी दुर्घटनाओं से यहां के लोग काफी दुःखी हैं, उनका कहना है कि फोरलेन को क्रॉस करने वाली पडरौना समउर मार्ग सीधे बिहार को जाती हैं। जिससे इस मार्ग पर भी फोरलेन की तरह काफी वाहन गुरते हैं। जिससे फोरलेन क्रॉस करते समय अचानक बड़ी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। स्थानीय लोगों ने भारत सरकार और एनएचएआई के अधिकारियों से पटहेरिया चौराहे पर ओवर फ्लाई बनवाने की मांग की हैं।

भगवान लीलाधर कृष्ण की अनेको लीलाये प्रचलित है। वृन्दावन से आये श्यामालोक कलामंच कलाकारों द्वारा अपने कलाओं के द्वारा श्रद्धालुओं को तमकुही विकास खण्ड के गांव नरायनपुर में चल रहे रासलीला में दिखाया जा रहा। इस दौरान इन कलाकारों ने वृन्दावन की मयूर नृत्य के साथ ही भगवान कृष्ण व उनके सखाओ द्वारा माखन चोरी की लीला का मंचन कर श्रदालुओ को मोहित कर दिया।

कसया पडरौना मार्ग के किनारे झाड़ियों के वजह से राहगीर बाइक सवार व वाहन चालकों को हो रहे दुर्घटना के शिकार,शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।

तमकुहीराज तहसील के सामने मुख्य मार्ग के किनारे बनी नालियां खुली पड़ी हैं, यहां से गुजरने या फिर तहसील में आने वाले वादकारी इन नालियों में अक्सर गिर कर चोटिल होते रहते हैं, वहीं बारिश होने या फिर कहीं से पानी आने पर सड़क और नाली एक समान हो जाती हैं, उस दौरान इन नालियों में प्रतिदिन कई लोग गिरते और दुर्घटना के शिकार होते हैं। स्थानीय दुकानदारों के नागरिकों ने नगर पंचायत से मांग की है कि इन नालियों के ऊपर स्लेप रखवा ढ़क दिया जाय ताकि दुर्घटनाएं न हो