जिला जज राजकुमार सिंह ने दूध में निषेधित पदार्थों को मिलाने के आरोपी डेयरी संचालक की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चार दिसंबर 2023 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र मौर्य ने लखनऊ के जानकीपुरम निवासी नवीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी* बताया था कि जे-9 इंडस्ट्रियल एरिया संडीला स्थित अभिषेक डेयरी में विभिन्न निषेधित पदार्थों को दूध में मिलाया जा रहा है। इस पर सचल दल के साथ दो दिसंबर 2023 की रात करीब डेढ़ बजे छापा मारा था। मौके पर डेयरी संचालक नवीन मिश्रा और परिसर में करीब 17 हजार लीटर दूध मिला था। इसके साथ ही पांच ड्रमों में एक हजार लीटर सॉर्बिटॉल सिरप, दो ड्रमों में चार सौ लीटर दूध बनाने के लिए अपमिश्रक, पांच बोरी स्किल्ड मिल्क पाउडर मौके पर पाया गया था। मिलावट का संदेह होने पर नमूने लिए गए। इसके अलावा भंडारित दूध को चखने पर मिलावट प्रतीत हुई तो दूध नष्ट कराया गया। इसके बाद अभिषेक डेयरी का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। आरोपी के वकील ने न्यायालय में उपस्थित होकर जमानत अर्जी दाखिल कर अग्रिम जमानत की मांग की। जमानत का विरोध करते हुए प्रभारी शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि गवर्नमेंट पब्लिक एनालिस्ट प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार, दूध की जांच में डिटर्जेंट पाया गया। साथ ही सॉर्बिटॉल सिरप की जांच करने पर कहा गया कि इसको दूध में मिलाने की अनुमति नहीं है। आरोपी द्वारा दूध में अपमिश्रण कर प्रदेश के नौनिहालों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके साथ ही कहा कि अभिषेक डेयरी के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 16 मामलों में जुर्माना भी हो चुका है। दोनों पक्षों की तर्क सुनने के बाद जिला जज राजकुमार सिंह ने डेयरी संचालक नवीन की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
