गोरखपुर। जिले में 21 दिसम्बर से चार जनवरी तक चले कुष्ठ रोगी खोजी अभियान के तहत 59 नये कुष्ठ मरीज खोजे गये हैं । इन मरीजों में दो बच्चे भी शामिल हैं । इन सभी का इलाज शुरू करने के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग का जोर लोगों को इस बीमारी के लक्षणों, बचाव के उपाय और इलाज के बारे में जागरूक करने पर है । इसी उद्देश्य से गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक माह तक चलने वाले खिचड़ी मेले में जनजागरूकता का स्टॉल भी लगाया गया है। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ गणेश यादव ने बताया कि मेले में चल रहे अभियान के साथ साथ पूरे जिले में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा । जिला कुष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे के दिशा निर्देशन में अभियान के संबंध में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों का संवेदीकरण किया जा रहा है । स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के जरिये विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जाएगा कि जिस प्रकार देश को पोलियो और चेचक जैसी बीमारियों से मुक्ति मिली है, उसी प्रकार कुष्ठ से भी मुक्त करना है । कुष्ठ रोग की दवा सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है । अगर किसी व्यक्ति के त्वचा पर हल्के रंग के दाग धब्बे हैं जो कि सुन्न हैं तो यह कुष्ठ भी हो सकता है । ऐसे लोगों को तत्काल आशा और एएनएम की मदद से स्वास्थ्य केंद्र पर सम्पर्क करना चाहिए । उपचार में देरी होने पर कुष्ठ दिव्यांगता का रूप ले सकता है । इस अभियान का थीम होगा-भेदभाव का अन्त करें, सम्मान को गले लगाएं। डॉ यादव ने बताया कि कुष्ठ न तो अनुवांशिक रोग है और न ही पिछले जन्म के पाप के कारण होने वाली बीमारी है । यह बैक्टेरिया के कारण होने वाला दीर्घकालिक संक्रामक रोग है । जो कुष्ठ रोगी उपचार नहीं लेते हैं उन्हीं के द्वारा छींकने या खांसने से इसका प्रसार हो सकता है । अगर कोई कुष्ठ रोगी मल्टी ड्रग थेरिपी (एमडीटी) की एक खुराक भी ले लेता है तो उससे दूसरे व्यक्ति तक संक्रमण का खतरा नहीं होता है । संक्रमण के बाद कुष्ठ रोग के लक्षण दिखने में पांच से सात साल तक का समय लग सकता है । कुष्ठ से प्रभावित उपचाराधीन व्यक्ति के साथ रहने में कोई दिक्कत नहीं है। समय से बीमारी की पहचान कर सम्पूर्ण इलाज छह माह (पीबी कुष्ठ रोग) से एक वर्ष (एमबी कुष्ठ रोग) के समयावधि में संभव है । कुष्ठ रोग के कारण होने वाली विकृतियों की भी समय से पहचान कर ऑपरेशन और अन्य सहायक उपकरणों से ठीक किया जा सकता है । *277 रोगी उपचाराधीन* जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ भोला गुप्ता ने बताया कि जिले में 218 कुष्ठ रोगी पहले से उपचाराधीन थे। अभियान के दौरान खोजे गये 59 कुष्ठ रोगियों को मिला कर इस समय 277 कुष्ठ रोगी इस समय उपचाराधीन हैं। विकृति वाले कुष्ठ रोगियों को डॉ आसिफ की मदद से फिजियोथेरेपी का भी अभ्यास कराया जाता है । नये कुष्ठ रोगियों के आसपास के दस घरों में बचाव की दवा खिलाई जाएगी । जो नये बाल कुष्ठ रोगी मिले हैं उनके पूरे गांव में कांटैक्ट ट्रेसिंग होगी और आसपास के दस घरों में बचाव की दवा खिलाई जाएगी । *गतिविधियों के बारे में मिली जानकारी* भटहट ब्लॉक के नान मेडिकल सुपरवाइजर रतनलाल ने बताया कि मासिक बैठक के दौरान स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी है । खण्ड विकास अधिकारी और ग्राम सभा प्रमुख की मदद से कुष्ठ रोग संबंधी जागरूकता का संदेश पढ़ा जाएगा । ग्राम सभा प्रमुख के संदेश के जरिये कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति के प्रति भेदभाव न करने की अपील की गयी । कुष्ठ से प्रभावित और उपचारित वरिष्ठतम व्यक्ति को ग्रामसभा द्वारा सम्मानित करवाया जाएगा । लोगों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित कर उन्हें जागरूक किया जाएगा ।
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सड़क सुरक्षा के संबंध में दिए गए निर्देशों के क्रम में 23 जनवरी 2024, नेताजी सुबाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर सड़क सूरक्षा संबंधी जागरूकता के उददेश्य से मानव श्रृंखला बनाए जाने एवं सड़क सुरक्षा संबंधी शपथ दिलाई जाने के लिए रामगढ़ ताल नौकायन से विशाल मानव श्रंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद रवि किशन शुक्ला द्वारा सड़क सुरक्षा के तहत शपथ दिलाई गई तथा दुर्घटनाओं में जनहानि को रोके जाने के संबंध में सड़क स्रक्षा नियरमों के पालन हेतु प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में प्राप्त सूचना के अनुसार लगभग 4100 प्रतिभागि्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में सेन्ट्रल एकेडमी गोरखपुर, राजकीय जूुबली इण्टर कालेज गोरखपुर, महाराणा गांधी इण्टर कालेज, डीएवी डिग्री कॉलेज, प्राथमिक विद्यालय जंगल सालिकराम, सर माउण्ट इण्टर कॉलेज, लिटिल स्कॉलर पैडलेगंज, इस्लामियां इण्टर कॉलेज,आत्मदीप इण्टर कॉलेज, तारामण्डल गोरखपुर, स्टॉर एकेडमी तारामण्डल आदि विदयालयों के छात्र-ात्राएं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी/ कर्मचारी उपस्थित थे।
गोरखपुर। मनुष्य की आंत में रहने वाले कृमि, बच्चों और किशोर किशोरियों में कुपोषण के साथ साथ एनीमिया का भी कारक बनते हैं । इससे बचाव के लिए कृमि मुक्ति की दवा का सेवन अनिवार्य है । इसी उद्देश्य से एक फरवरी को पूरे जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा । यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने दी । उन्होंने बताया कि एक वर्ष से अधिक उम्र के सभी स्कूली बच्चों और किशोर किशोरियों को अपने शिक्षक या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सामने इस दवा का सेवन करना अनिवार्य है । मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मनुष्य की आंत में रहने के दौरान जीवित रहने के लिए कृमि मनुष्य के शरीर से ही पोषक तत्व खाते हैं। इसका सबसे बुरा असर एक से 19 वर्ष की आयु वर्ग में पड़ता है और कई प्रकार के लक्षण दिखने लगते हैं । गंभीर कृमि संक्रमण की स्थिति में दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी, भूख न लगना, सीखने की क्षमता में कमी, एनीमिया और कुपोषण के लक्षण दिखते हैं। अगर वर्ष में सिर्फ दो बार पेट से कीड़े निकालने की दवा का सेवन किया जाए तो इनसे बचाव हो सकता है । इसी उद्देश्य से पहली फरवरी को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाने की योजना है । डॉ दूबे ने बताया कि दवा के सेवन से स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार के साथ साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी बढ़ोत्तरी होगी। समुदाय में कृमि संक्रमण की व्यापकता में कमी लाने में इस कार्यक्रम का अहम योगदान है। कृमि से बचाव की दवा बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए सुरक्षित है। एक से तीन साल तक के बच्चों को निर्धारित मात्रा में गोलियों का चूरा बना कर खिलाया जाता है, जबकि इससे अधिक आयु के लोगों को उम्र के अनुसार निर्धारित मात्रा में गोली चबा कर खानी है । खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है । कुछ बच्चों में दवा के सेवन के बाद उल्टी, मिचली और चक्कर आने जैसे सामान्य लक्षण दिखते हैं जिनसे घबराने की आवश्यकता नहीं है । यह सामान्यतया अपने आप ठीक हो जाते हैं । *92 फीसदी ने खाई थी दवा* सीएमओ ने बताया कि अभियान का संचालन अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एके चौधरी, डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय और आरबीएसके योजना की डीईआईसी मैनेजर डॉ अर्चना की देखरेख में होगा। पिछले साल फरवरी में चले अभियान के दौरान गोरखपुर में 92 फीसदी बच्चों और किशोर किशोरियों ने इस दवा का सेवन किया था। इस बार 23.23 लाख को दवा खिलाने का लक्ष्य है । यह दवा 2814 सरकारी स्कूल, 2187 प्राइवेट स्कूल और 4186 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से खिलाई जाएगी ।
ग्रामप्रधान के भाई से मारपीट करने वालों पर गैर इरादतन हत्या केस दर्ज। स्थानीय ग्रामप्रधानों और व्यापारियों ने जताया रोष। खजनी गोरखपुर।। कस्बे में खुटभार गांव के ग्रामप्रधान अर्जुन जायसवाल के बड़े भाई शत्रुघ्न जायसवाल को मारपीट कर अधमरा करने वाले दबंग युवकों के खिलाफ पुलिस ने बलवा और गैर इरादतन हत्या समेत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, और कार्रवाई में जुट गई है। खजनी थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 28/2024 की धारा 323,452,308,504,506 में केस दर्ज कर लिया है। इस बीच आज खजनी कस्बे के दर्जनों व्यापारियों और ग्रामप्रधानों ने क्षेत्राधिकारी खजनी ओंकार दत्त तिवारी से मिल कर घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए रोष जताया। स्ट्रीट बज से बातचीत के दौरान व्यापारियों और ग्रामप्रधानों ने बताया कि दबंग युवकों के द्वारा पहले भी इस तरह की कई घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है। जिससे व्यापारियों में भय है, यदि कठोर कार्रवाई नहीं होती है तो जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से फरियाद करने में भी हम पीछे नहीं हटेंगे। क्षेत्राधिकारी ने दोषियों के खिलाफ शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विधायक प्रदीप शुक्ला ने फीता काट कर किया बहुउद्देशीय पंचायत भवन का उद्घाटन। खजनी गोरखपुर।। ब्लॉक क्षेत्र के बसियाखोर ग्रामसभा में नव निर्मित अत्याधुनिक बहुउद्देशीय ग्राम पंचायत सचिवालय का फीता काट कर उद्घाटन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज अपराह्न बसियाखोर गांव में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक प्रदीप शुक्ला ने वैदिक मंत्रों से पूजन के बाद फीता काट कर गांव में लगभग 35 लाख रुपए की लागत से 5 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बने सुसज्जित बहुउद्देशीय ग्राम पंचायत सचिवालय भवन का लोकार्पण किया। बहुउद्देशीय पंचायत भवन में सभी अधिकारियों के लिए कुल 8 अत्याधुनिक सुसज्जित कक्ष और एक मीटिंग हाॅल काॅरीडोर,लेक व्यू, और महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग शौचालय का बनाए गए हैं। बसियाखोर गांव में खजनी ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में सबसे अधिक सुसज्जित और आकर्षक ढंग से बनाए गए पंचायत भवन तथा बगल में बने अमृत सरोवर का निरीक्षण करते हुए विधायक ने निर्माण कार्य की तारीफ करते हुए बेहतरीन निर्माण कराने के लिए ग्रामप्रधान सचिव और बीडीओ को बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सभी गांवों का चातुर्दिक विकास हो रहा है। गांव के सचिवालय में सभी ग्रामवासियों को एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख अंशु सिंह भाजपा उनवल मंडल अध्यक्ष रामप्रकाश चौरसिया,खजनी मंडल अध्यक्ष धरणीधर राम त्रिपाठी मौजूद रहे। संचालन अंशुमाली धर भक्ति द्विवेदी ने किया। आयोजन में ग्रामप्रधान संगीता सिंह, ग्रामप्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह सचिव तनवीर अशरफ अंसारी,पंचायत सहायक सावित्री रोजगार सेवक प्रियंका सिंह,रायबहादुर सिंह, राजकुमार,ब्रह्मा सिंह,हरिश्चंद्र सिंह उमेश,बालकेश मिश्रा,आदर्श सिंह, रूद्र प्रताप सिंह,सत्येंद्र बहादुर सिंह,अर्जुन जायसवाल,सोनू पांडेय,संतोष तिवारी,रौशन सिंह,रामपाल,चैतन्य तिवारी सहित दर्जनों ग्रामप्रधान ब्लाॅक के अधिकारी कर्मचारी स्थानीय गणमान्य लोग और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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गोरखपुर। भगतसिंह जन अधिकार यात्रा आज गोरखपुर में पहले दिन विभिन्न इलाकों से होकर गुजरी। सुबह यात्रा विश्वविद्यालय गेट से शुरू होकर छात्र संघ चौराहा, बेतियाहाता भगत सिंह चौराहा, शास्त्री चौक, टाऊन हॉल, बख़्शीपुर होते हुए उचवाँ में जनसभा के साथ समाप्त हुई। इस दौरानभारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी, दिशा छात्र संगठन, नौजवान भारत सभा और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। यात्रा के दौरान सभा में दिशा छात्र संगठन की अंजली ने कहा कि आज जब बेरोज़गारी छात्रों - नौजवानों के जीवन को अँधेरे गर्त में धकेल रही है, जब महँगाई ने आम जनता की कमर तोड़ के रख दी है ऐसे में चुनावबाज पार्टियाँ लोगों को जाति-धर्म का पाठ पढ़ा रही है। हमें इनके ऐसे छलावों और षड्यंत्रों को समझना होगा। यह सोचना होगा कि सांप्रदायिक उन्माद के शोर के तले रोजगार और बढ़ती महंगाई के सवाल को गौण कर दिया जा रहा है। महंगाई और बेरोजगारी तो हिंदू और मुस्लिम में फ़र्क नहीं करती है। आज जब हम बात करते हैं कि देश मे 32 करोड़ युवा बेरोजगार हैं, तो इसमें हिंदू युवा भी शामिल हैं और मुस्लिम युवा भी। इसी तरह खाद्यान की बढ़ती कीमतों से चाहे हिंदू आबादी हो और मुस्लिम आबादी, दोनों ही त्रस्त हैं। आज हमें अपने शहीदों; अशफ़ाक़ बिस्मिल की विरासत को याद करते हुए, वर्ग के आधार पर एकजुट होते हुए, अपने असली दुश्मन को पहचानना होगा। भगत सिंह जन अधिकार यात्रा इसी बात को लेकर देश भर के अलग अलग हिस्सों में जा रही है। इस यात्रा का उद्देश्य है कि लोगों को उनके असली मुद्दे, सबके लिए, रोजगार, शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य सेवा की मांग पर एकजुट किया जाए।
बीआरसी कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे दर्जनों शिक्षक खजनी गोरखपुर।। प्रदेश शासन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा समेकित शिक्षा के लिए बीआरसी कार्यालय में 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की व्यवस्था की गई है। सरकारी निर्देशानुसार प्रदेश के बच्चों को अब घर पर ही शिक्षण कार्य दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षक बच्चों के घर जाएंगे और उनको शिक्षण और प्रशिक्षण देंगे। शिक्षण कार्य की ये व्यव्स्था विशेष रूप ये दिव्यांग बच्चों के लिए की गई है। जो कि केंद्र सरकार की योजना समेकित शिक्षा के तहत होगी। खजनी ब्लॉक क्षेत्र के सभी परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के लिए 39 शिक्षकों का 2 वर्ग बनाए गए हैं। आज पहले ही दिन प्रशिक्षण शिविर में सिर्फ 13 महिला और पुरुष शिक्षक ही उपस्थित मिले। जिन्हें एआरपी राजेश यादव और स्पेशल एजूकेटर रजनीश तिवारी और रूबी के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। शेष 26 शिक्षक अनुपस्थित रहे। बता दें कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को अच्छे संतुलित आहार के लंच पैकेट भी दिए जाते हैं। समेकित शिक्षा के अंतर्गत खजनी विकासखंड के प्राथमिक विद्यालयों में अध्यनरत दिव्यांग बच्चों के शिक्षा हेतु प्रत्येक विद्यालय के नोडल शिक्षक को पांच दिवसीय प्रशिक्षण देने के क्रम में आज दिनांक 19-1-2024 से बीआरसी खजनी में प्रथम बैच में कुल 39 नोडल शिक्षकों का प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। जो आगामी 27-1-2024 को समाप्त होगा। इसी प्रकार विकास खंड के सभी प्राथमिक विद्यालयों के एक-एक नोडल शिक्षक का प्रशिक्षण आगामी दिवसों में कराना है। सबेरे 10 बजे से सायं 5 तक चलने वाले प्रशिक्षण का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार पांडेय द्वारा किया जाना था। जिसमें उन्हें समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के,विद्यालय में नामांकन और उनके शिक्षा हेतु इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण को गंभीरता से आत्मसात करने का अनुरोध करना था।
