रात को लेते हैं तेज खर्राटे? निजात पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे क्या आप रात को सोते समय लेते हैं तेज खर्राटे लेते है तो इससे निजात पाने के लिए ये घरेलू नुस्खे अपनाएं कई लोगों को सोते ही खर्राटे लेने की परेशानी होती है। दरअसल, खर्राटे एक तरह की ध्वनि होती है। जो नींद के दौरान नाक और गले के माध्यम से बाहर आती है। जब हवा का बहाव गले की त्वचा में स्थित ऊतकों में कंपन पैदा करते हैं, तब खर्राटे की आवाज होती है। इसके अलावा, इंसान की जीभ की स्थिति भी खर्राटों की समस्या पैदा कर सकती है। यहां आपके लिए खर्राटे को रोकने के कुछ घरेलू उपायों को बताया जा रहा है जिसे आप आसानी से घर पर आजमां सकते हैं। रात में सोते समय खर्राटे लेने की समस्‍या इन दिनों इतनी सामान्‍य होती जा रही है कि अब इसे समस्‍या समझना ही छोड़ दिया गया है। हालांकि, खर्राटे लेने वाला इंसान के लिए यह उतनी समस्‍या वाली बात नहीं लगती लेकिन जो भी उसके आसपास सोता है उसकी नींद खराब हो जाती है। अगर आपके घर में भी कोई खर्राटे लेता है तो आज जरूर इस प्रॉब्‍लम से जूझ रहे होंगे। ऐसे में आप इसे सामान्‍य बात न समझें और तुरंत डॉक्‍टर से जांच कराएं। इससे पहले आप कुछ घरेलू नुस्‍खों की मदद से इस समस्‍या को कम करने का तरीका आजमा सकते हैं। यहां हम आपको दादी नानी के नुस्‍खे बता रहे हैं जिसकी मदद से आप खर्राटे की समस्‍या को घर पर ठीक कर सकते हैं। खर्राटे की समस्‍या को दूर करने के कुछ आसान घरेलू उपाय हैं जिन्हें अजमाया जा सकता है। खर्राटे की समस्या होने के पीछे कई कारण होते हैं। इसकी शुरु आती कारण मोटापा, नाक और गले की मसल्स का कमजोर हो जाना, सर्दी लग जाना, स्मोकिंग, रेस्पिरेट्री समस्या, लंग्स में प्रॉपर ऑक्सीजन न पहुंचना और साइनस की समस्या आदि हो सकते हैं। हल्‍दी के प्रयोग से नाक को साफ किया जा सकता है. इससे सांस लेने में आसानी मिलती है। रोज रात को सोने से पहले एक चम्‍मच हल्‍दी को गर्म दूध में पकाकर पिऐं। 7 दिनों में खर्राटे को कंट्रोल करने में कारगर होंगे ये आयुर्वेदिक उपाय, टॉन्सिल से भी मिलेगी राहत देश का हर चौथा व्यक्ति खर्राटे की समस्या से परेशान हैं। खर्राटे की समस्या से निजात पाने के लिए योग के अलावा आयुर्वेदिक उपाय अपना सकते हैं। इससे लाभ मिलेगा। कई बार आपके साथ रात को सोते समय होता होगा कि आपकी सांस एकदम से बंद हो जाती है या फिर तेज खर्राटे लेने लगते है। दुनियाभर में इसके 25-30 प्रतिशत लोग ही ग्रसित है। जिसमें से 5 में से 1 युवा ग्रसित है। आपको बता दें कि देश का हर चौथा व्यक्ति इस समस्या से बीमार है।खर्राटा आना बुरी नींद का कारण होता हैं। इसके कारण हार्ट अटैक, शरीर में ऑक्सीजन की कमी, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, ब्रेन स्ट्रोक जैसी बीमारियों का कारण बन सकता हैं। खर्राटे की समस्या से निजात पाने के लिए योग के अलावा आयुर्वेदिक उपाय अपना सकते हैं। इससे लाभ मिलेगा।  सेंधा नमक और हल्दी बराबर मात्रा में मिलाकर इससे गरारा करे। त्रिकुटा, स्वाहारि और शीतोपलादि शहद के साथ चटा दें। इससे खर्राटे की समस्या से निजात मिलेगा। 7 दिनों में खर्राटे को कंट्रोल करने में कारगर होगे ये आयुर्वेदिक उपाय, टॉन्सिल से भी मिलेगी राहत हल्दी, सेंधा नमक, शहद, बहेड़ा, बबूल की छाल को पानी में उबाल लें और इसमें शहद मिलाकर सोने से पहले गरारा करे। इससे गले की खराश, टॉन्सिल की समस्या से लाभ मिलेगा।  दिव्य पेय पानी में डालकर इसकी भाप लेने से भी आपको लाभ मिलेगा।  1-1 चम्मच बहेडा, बबूल छाल, अदरक, प्याज, अदरक, लहसुन, हल्दी और एलोवेरा का पेस्ट बना लें। इसे गले में लेप लगाकर पट्टी से बांध दें। इसके बाद प्राणायाम करे। इससे लाभ मिलेगा।  गौधन अर्क का सेवन भी खर्राटा में कारगर है। सरसों का तेल, अणु तेल, क्षणबिंदु तेल और बादाम रोगन तेल नाक में डालने से लाभ मिलेगा।  रात को रीठा 1 चम्मच भिगो दें और इसमें सौंठ, काली मिर्च और पिंपल को भिगो दें और सुबह इसके पानी को नाक में डाल दें। इससे खर्राटा के साथ  टॉन्सिल में भी लाभ मिलेगा। लहसुन और छोटी पिपल को दूध में उबालकर पिएं। दूध में हल्दी और शीलाजीत उबालकर सोने से पहले इसका सेवन करे। पानी में बहेड़ा, बबूल की छाल एक चम्मच, थोड़ी सी हल्दी, थोड़ी सी इलायची मिलाकर गुनगुना कर लें। इसके बाद इसे छानकर कर इससे गरारा करे। पहले ही दिन गले की खराश, थायराइड, टॉन्सिल, खर्राटा में फायदा करेगा। यदि खर्राटे की समस्या से पीड़ित हैं तो दही, छाछ, नींबू, टमाटर का सेवन न करे।