आजकल रसोई गैस की महंगाई कम आय वाले सभी परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि आम आदमी के लिए यह एक परेशानी का कारण बन गया है। गैस लगातार महंगी होती जा रही है, इसी दर से अगर गैस की कीमत बढ़ती रही तो 2030 तक गैस का रेट 2100 रुपए प्रति सिलेंडर तक भी पहुंच सकता है। यह तो मात्र एक अनुमानित दर है, वास्तविक दर इससे कहीं ज्यादा भी हो सकती है। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में गैस का रेट दिनों दिन बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि सरकार और आम आदमी दोनों गैस का विकल्प तलाश रहे हैं ताकि एलपीजी गैस पर से निर्भरता कम की जा सके। सरकार, लोगों को ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों को उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसलिए सोलर उत्पादों पर भारी सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में गैस के बढ़ते दाम की वजह से बहुत सारी महिलाएं जो आर्थिक रूप से सशक्त नहीं है, मजबूरी में उन्हें लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। भारत के प्रधानमंत्री का सपना है कि महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं प्रदान की जाए। इस प्रयास में इंडियन ऑयल ने एक बड़ी पहल की है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने देश में सोलर स्टोव के लिए बुकिंग लेना शुरू कर दिया है। इस बुकिंग से किसान और मध्यम वर्गीय परिवार जो गैस के बढ़ते खर्च की वजह से परेशान हैं, वे राहत पा सकेंगे। गैस की बढ़ती मंहगाई की वजह से बहुत से लोगों के किचन का बजट बिगड़ गया है। सोलर स्टोव की मदद से लोगों के हर महीने 1100 से 1200 रुपए की बचत हो सकेगी। अभी वर्तमान में देखा जाए तो दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1103 रुपए है। सूर्य नूतन सोलर चूल्हे की मदद से फ्री में खाना बनाया जा सकता है। इसके लिए शून्य लागत की जरूरत पड़ेगी। बिना बिजली और बिना गैस के इस स्टोव पर आप खाना पका सकते हैं। इस प्रकार 1100 रुपए के लगभग हर महीने बचत की जा सकती है। इसके अलावा इस योजना के तहत और भी कई अप्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। गैर-नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को संरक्षित किया जा सकेगा। खाना बनाने की लागत कम होगी। लोग आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और ज्यादा बचत कर पाएंगे। आइए जानते हैं सोलर स्टोव की खासियतें- इस सोलर स्टोव की कई विशेषताएं हैं। इस स्टोव को धूप में रखने की जरूरत नहीं है। आप आसानी से घर में बैठ के खाना बना सकते हैं। सोलर चूल्हे को आपको किचन में रखना है। सोलर पैनल से जुड़े केबल को इससे कनेक्ट करना होता है। इस स्टोव की मदद से बिजली के बिल को भी कम किया जा सकता है। सूर्य नूतन में हीट को कंट्रोल करने का विशेष फीचर मौजूद है। इसमें चार्जिंग सिस्टम मौजूद है, जो ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी को अपने अंदर संरक्षित कर लेती है। जब कम धूप की वजह से कम इलेक्ट्रिसिटी आ रही हो, तब अपने स्टोर किए गए इलेक्ट्रिसिटी को रिलीज करती है। इस तरह खाना बनाने के लिए पर्याप्त हीट की उपलब्धता बनी रहती है। यह एक हाइब्रिड मोड वाला चूल्हा है, इसे सोलर पैनल की मदद के साथ-साथ अन्य ऊर्जा स्रोतों जैसे बिजली आदि से भी चलाया जा सकता है। यह एक कम मेंटनेंस वाला सिस्टम है, इसे लंबे समय तक उपयोग में लाया जा सकता है। अच्छी देखभाल करने पर इस चूल्हा को 10 साल तक आसानी से चलाया जा सकता है। एलपीजी गैस से जितने समय में खाना पकता है, लगभग उतने ही समय में इस स्टोव के माध्यम से भी खाना पकाया जा सकता है। इस सोलर स्टोव के बारे में विस्तृत जानकारी और खासियतों के बारे में जानने के लिए आईओसीएल के ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। सोलर स्टोव सूर्य नूतन की कीमत की बात करें तो सोलर स्टोव के बेस वेरिएंट की कीमत 12000 रूपए के लगभग है, वहीं इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 23000 रुपए है।
