तुलसी का पौधा पवित्र माना गया है। इसे देवी देवताओं को चढ़ाया जाता है। विष्णु भगवान लड्डू गोपाल और शालिकग्राम भगवान को तुलसी का भोग अत्यंत प्रिय है। इसे भगवान को चढ़ाने से घर में सुख समृद्धि और बरकत होती है। जिससे तुलसी की पत्तियों की हर मौसम में जरूरत पड़ती है।किंतु तुलसी का पौधा बेहद नाजुक होने से कड़ाके की ठंड में अक्सर तुलसी के पौधों की पत्तियां टूट कर गिर जाती हैं। इनमें पाला मार जाता है। पत्तियां सड़ जाती है। जो की धार्मिक लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता। प्रायः हर हिन्दू घरों में तुलसी का पौधा रखने और उनमें रोज सुबह पानी देने (जल चढ़ाने) का रिवाज है। तुलसी के पौधे का महत्‍व आयुर्वेद में भी बताया गया है। घर में तुलसी के पौधे हों तो सर्दी-खांसी को दूर रखने के लिए इनके पत्तों को इस्‍तेमाल किया जाता है। इस तरह यह कई तरह के संक्रमण को भी दूर रखने का काम कर सकता है। लेकिन, सर्दी के मौसम में इस पौधे को बचाना मुश्किल भरा काम होता है. ठंड बढ़ने के साथ ही घर या बालकनी में रखी तुलसी के पौधे सूखने लगते हैं. ऐसे में अगर आप भी इस समस्‍या से परेशान हैं तो कुछ बातों को ध्‍यान में रखकर इन्‍हें हरा भरा रख सकते हैं। तुलसी का सर्दियों में ऐसे रखें ख्‍याल... तुलसी के पौधे को हेल्‍दी रखने के लिए धूप में रखना जरूरी होता है। इन्‍हें अगर आप धूप में रखें तो ये हरे-भरे रहते हैं. उन्हें कम से कम 6 से 7 घंटे धूप में रखना जरूरी होता है। सर्दियों के मौसम में तुलसी के पौधों में जहां तक हो सके कम से कम पानी डालें. अगर आप सर्दियों में अधिक पानी दे रहे हैं तो तुलसी का पौधा सूखने लगेगा। इस मौसम में आप नीम की सूखी पत्तियां ले आएं और उन्‍हें उबालकर ठंडा कर लें।अब इस पानी को आप तुलसी के पौधों में डालें, पौधे हरे-भरे रहेंगे। इस मौसम में तुलसी की पत्तियों को कॉटन के कपड़े से ढक कर रखें. आप लाल कपड़े से इसे ढक सकते हैं. इससे ये ठंडी हवा से बचे रहते हैं। अगर बहुत अधिक सर्दी पड़ रही है तो बेहतर होगा कि आप इस पौधे को घर के अंदर रखें या ऐसी जगह पर रखें जहां अधिक ठंड ना हो. ऐसा करने से ये सूखने से बचे रहेंगे।