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बाराबंकी जिले के बरोलिया गांव स्थित पारिजात वृक्ष पर पतझड़ शुरू हो गया है जिसे देखने के लिए रोजाना काफी संख्या में लोग आते हैं । अब इस वृक्ष पर 6 माह बाद नई पत्तियां आएंगी ।

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बाराबंकी के एक गांव के सरकारी स्कूल में पढ़कर धूल रहित थ्रेसर का मॉडल बनाने वाली एक मजदूर की बेटी पूजा ने राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान मेले व प्रदर्शनी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है ।

त्रिवेदीगंज क्षेत्र के दौलतपुर गांव के पास बीती रात करीब 12:00 बजे गांव के पास से गुजरी शाहपुर माइनर कट गई जिससे पानी गांव में भरने लगा । सुबह जब लोग जागेे तो गांव में चारों तरफ पानी ही पानी था ।

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। इस बारे में श्रोताओं की क्या राय है, चलिए सुनते हैं. इस बारे में बचपन मनाओ... सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.