इस घटना के बाद दल के ज्यादातर सदस्य ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए और दल बिखरने लगा। इसके बाद आजाद और दल के अन्य प्रमुख सदस्यों के सामने एक बार फिर से दल खड़ा करने का संकट आ गया।
इस घटना के बाद दल के ज्यादातर सदस्य ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए और दल बिखरने लगा। इसके बाद आजाद और दल के अन्य प्रमुख सदस्यों के सामने एक बार फिर से दल खड़ा करने का संकट आ गया।