उत्तर प्रदेश राज्य के मऊ जिला से रमेश कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि महिलाओं को भूमि अधिकारों से वंचित किया गया है।पिता के संपत्ति पर बेटियों का भी अधिकार है। लेकिन धीरे-धीरे इन प्रणालियों को सरकार से लेकर अदालत तक लागू किया गया। यह कानूनी रूप से बाध्य था कि महिलाओं को भूमि पर पुरुषो के समान अधिकार होने चाहिए, लेकिन आज भी उन्हें पूर्ण अधिकारों से वंचित किया जाता है।
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उत्तर प्रदेश राज्य के मऊ जिला से रमेश कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि पेड़ो की अँधा धुंध कटाई के कारण इस साल गर्मी का कहर हमें देखने को मिला
उत्तर प्रदेश राज्य के मऊ जिला से रमेश कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि समाज पुरुषों और महिलाओं के बीच भेदभाव करता है और महिलाओं को हर अधिकार से वंचित करता है। अधिकारों का स्वामित्व हर जगह जमा हो रहा है, जबकि महिलाओं को किसी भी अधिकार से वंचित किया जा रहा है।
उत्तरप्रदेश राज्य के मऊ जिला से सुरेन्द्रनाथ यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इस समृद्ध देश में पुरुषों से लेकर महिलाओं को सरकार ने धीरे-धीरे स्वामित्व का पूरा अधिकार दिया। समाज भी अब महिलाओं को उनका अधिकार देने की कोशिश कर रहा हैं और इस पर सर्वश्रेष्ठ प्रयास भी किया जायेगा । परिवार में सभी निर्णय लेने का अधिकार में केवल पुरुषों का योगदान होता है, लेकिन अब हमें अपनी सोच बदल कर महिलाओं को आगे लाना होगा और धीरे-धीरे किसी भी निर्णय लेने में महिलाओं से भी परामर्श किया जाना चाहिए।
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उत्तरप्रदेश राज्य के मऊ जिला से सुरेंद्र कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि आज भी पुरुषों और महिलाओं के बीच भेदभाव है। समाज महिलाओं को हर काम में पीछे छोड़ता है। पुरुष को आगे रखता है, महिलाओं को बाहर निकलने में परेशानी होती है, समाज उन्हें बाहर नहीं निकलने देता है, उन्हें कोई काम, शिक्षा, भोजन या जमीन में हिस्सेदारी नहीं करने देता है। हर जगह स्वतंत्रता में महिलाओं के हिस्से को देखें, तो समाज महिलाओं को पीछे रख रहा है। महिलाओं के लिए असमान भाषा में, समाज महिलाओं को पुरुषों के पीछे रख रहा है, इसलिए ऐसा नहीं होना चाहिए।
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