विपक्षी दलों को अभी तक देवता नहीं मिलाने पर वे राम मंदिर के प्रति राजनीति का कर रहे थे और जब राम मंदिर की तरफ से संयुक्त राष्ट्र के लोगों को न्योता भेजा गया तो अब उनके सामने यह समस्या उत्पन्न हो गई है अयोध्या जाने पर उनके नेता किसी और पार्टी में ना चले जाएं