उत्तरप्रदेश राज्य के जिला सिद्धार्थनगर से राहुल गुप्ता , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि ड्राइवर भाइयों के लिए यह कानून सही नहीं है। इस कानून को पब्लिक सही नहीं समझती है और जहाँ एक्सीडेंट होता है वहां के जनता अपने आप को ही पुलिस समझने लगती है और ड्राइवर लोगों को मारने पीटने लगती है। जानबूझ कर कोई भी ड्राइवर एक्सीडेंट नहीं करता है।सरकार बोलती है की जिनका एक्सीडेंट हुआ हो उनको अस्पताल लेकर जाया जाये। ड्राइवर को मौका भी नहीं दिया जाता है की वह उसे अस्पताल ले कर जाये। कही न कहीं ड्राइवर नहीं हो तो ये देश नहीं चलेगा। सामान को एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचाने में ड्राइवर का ही योगदान होता है।
