CRISIL के अनुसार 2022-23 में किसान को MSP देने में सरकार पर ₹21,000 करोड़ का अतिरिक्त भार आता, जो कुल बजट का मात्र 0.4% है। जिस देश में ₹14 लाख करोड़ के बैंक लोन माफ कर दिए गए हों, ₹1.8 लाख करोड़ कॉर्पोरेट टैक्स में छूट दी गई हो, वहां किसान पर थोड़ा सा खर्च भी इनकी आंखों को क्यों खटक रहा है? आप इस पर क्या सोचते है ? इस मसले को सुनने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें
आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम जानेंगे एसएचजी यानि की स्वयं सहायता समुह से जुड़ने के क्या फायदे हैं और इससे जुड़ कर कैसे आप अपने जीवन में बदलाव ला सकते हैं।
नमस्कार आदाब साथियों ,मोबाइल वाणी ले कर आया है रोज़गार समाचार। यह नौकरी उनके लिए है जो वेदमे फिल्मेर के साथ जुड़कर ऑफिस असिस्टेंट के पद पर कार्य करना चाहते है। नौकरी करने का कार्यस्थल रांची ,अरगोड़ा ,झारखण्ड होगा।न्यूनतम 10वीं पास फ्रेशर व अनुभवी व्यक्ति जिनके पास कंप्यूटर में काम करने की दक्षता प्राप्त हो ,वो इस पद के लिए साक्षात्कार दे सकते है। चयनित व्यक्तियों को उनके कार्य दक्षता के अनुसार प्रतिमाह 8,000 से 15,000 रूपए वेतन दिया जाएगा।इच्छुक व्यक्ति इस पद से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए कंपनी के इस नंबर पर संपर्क कर सकते है। नंबर है : 7909016403. तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक का बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं।
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अभी पिछले दिनों एक समाचार आया था कि प्री वेडिंग सूटिंग मे 15 दिनों तक साथ रहते हुए लड़की फोटोग्राफर के साथ ही भाग गई, लड़का हाथ मलता रह गया । एक सभ्य समाज के ताने बाने को तार तार कर रहे इस कुकृत्य को सबको मिलकर तत्काल प्रभाव से रोकने का प्रयास करना चाहिए। विचारणीय है कि हम अपने समाज को कहां ले जाना चाहते हैं। विवाह के बाद बंद कमरे में होने वाले प्रेमालाप को पूरे परिवार और समाज को खुलेआम दिखाकर हम कौन सा आदर्श स्थापित कर रहे हैं ? देखा देखी के इस दिखावे का आखिर उद्देश्य क्या है ।यह तो विचार किया जाए कि लाखों रुपए बर्बाद कर इन अश्लील दृश्यों से आने वाली पीढ़ी पर क्या असर हो रहा है ? क्या यह प्री वेडिंग ,प्री हनीमून नहीं है ? सभी बुद्धिजनों से करबद्ध निवेदन है, विशेष रूप से अपनी बहनों , बेटियों और माताओं से चरण वंदना है इस कुकृत्य हेतु जिद्द न करें। अंधानुकरण की दौड़ में बहुत कुछ पीछे छोड़ दिया है हमने किंतु ऐसा कुकर्म तो बाद में बहुत रुलाएगा।
चतरा को झारखण्ड या छोटा नागपुर का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। 1857 के विद्रोह के दौरान छोटानागपुर में विद्रोहियों और ब्रिटिशों के बीच लड़ा जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई ‘चतरा की लड़ाई’ थी। चतरा झारखंड राज्य की राजधानी से रांची जिले से करीब 124 किलोमीटर दूर है। चतरा में आप सड़क माध्यम के द्वारा पहुंच सकते है। और क्या क्या घूमने लायक है चतरा ज़िले में , ये जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
दोस्तों, हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।
चतरा पुलिस कप्तान राकेश रंजन की कुशल पुलिसिंग का नतीजा है कि एक बार फिर प्रतिबंधित टीएसपीसी उग्रवादी संगठन के सब जोनल कमांडर,एरिया कमांडर समेत कुल तीन उग्रवादियों को पुलिस गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। इस बाबत एसपी ने बताया कि जिला के कोयलांचल क्षेत्र टण्डवा पिपरवार, राँची जिला के खलारी मैक्लूस्कीगंज बुढगू,रातू थाना क्षेत्र में खनन एवं विकास के कार्यों से जुड़े व्यवसायियों के लिये आतंक का पर्याय बन चुके प्रतिबंधित टीएसपीसी उग्रवादी संगठन के सब-जोनल कमाण्डर अभिषेक,पर लगभाग आधा दर्जन संगीन मामला दर्ज है।वहीं एरिया कमाण्डर इरफान अंसारी पर एक दर्जन से अधिक संगीन मामला दर्ज है।टीएसपीसी सदस्य बलवंत को भी गिरफ्तार कर मामले की छान बिन की जा रही है। उग्रवादियों के पास से एक देशी पिस्टल 27.65 एमएम का जिन्दा गोली, चार मोबाईल सेट, टीएसपीसी उग्रवादी संगठन का लेटर पैड पर्चा, कोल व्यवसायियों का मोबाईल नम्बर लिखा हुआ नोट बुक, लेवी का नगद राशि - 22,500 (बाईस हजार पाँच सौ) रूपये,बरामद किया गया है। गिरफ्तार उग्रवादी संगठन के सदस्य इरफान अंसारी उर्फ तूफान पिता शहादत अंसारी,ग्राम मुरपा,थाना बालूमाथ,जिला लातेहार, शोभित शर्मा उर्फ अभिषेक पिता मुरारी शर्मा, ग्राम माईन्स कॉलोनी, थाना धमधमियां,मैक्लूस्कीगंज, जिला राँची,संदीप लोहरा उर्फ़ बलवंत पिता भरत लोहरा,ग्राम जमुनाधौड़ा, थाना खलारी,जिला राँची का रहने वाले बताए जा रहे है। छापामारी दल एसडीपीओ टंडवा प्रभात रंजन बरवार, पिपरवार थाना प्रभारी गोविन्द कुमार, एस आई रूपेश कुमार महतो, दिलीप कुमार बास्की,अंजनी कुमार, शोभनाथ यादव एवं पिपरवार थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। एसपी राकेश रंजन ने पूर्व की भांति एक बार फिर नक्सलियों से अपील किया है कि हिंसावादी विचारधारा को छोड़कर आत्मसमर्पण करें तथा झारखण्ड सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति का लाभ लेकर मुख्य धारा से जुड़ें। झारखण्ड सरकार के द्वारा आत्मसमर्पण नीति को और भी अधिक सुगम बनाया गया है,जिससे आत्मसमर्पित नक्सलीयों को 24 घंटे के अन्दर ओपेन जेल में शिफ्ट किया जाता है।सभी नक्सली सरकार के द्वारा दी जा रही इस सुविधा का लाभ उठायें एवं नक्सलवाद विचारधारा को त्याग कर मुख्यधारा में शामिल हों जाएं ।
