"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ जीव दास साहू ,ज्वार के फसल के लिए मिट्टी एवं बीज का चयन और बीज शोधन की जानकरी दे रहे हैं। ज्वार के फसल से जुड़ी कुछ बातें किसानों को ध्यान में रखना ज़रूरी है। इसकी पूरी जानकारी सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से गीता यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मोनी सिंह से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को पुरुष के बराबर अधिकार मिलना चाहिए। महिलाएं खेती में पुरुष से ज्यादा काम करती हैं फिर भी महिलाओं को अधिकार नहीं मिलता है
उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से पवन कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लड़का हो या लड़की दोनों एक ही परिवार के बच्चे हैं। इसलिए दोनों को हर चीज में समान अधिकार मिलना चाहिए। आज के समय में लड़कों से ज्यादा लड़कियां ही खेतों में कार्य करती हैं। ऐसे में जमीन पर अधिकार भी मिलना जरुरी है
यह एपिसोड काजल परिहार की कहानी बताता है, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में एक डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किया। उनका व्यवसाय गांव वालों को बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिससे उन्हें दूर जाने की आवश्यकता नहीं होती। काजल का मानना है कि युवाओं को तकनीक का उपयोग करके दूसरों की मदद करनी चाहिए।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा मक्का फसल की बुवाई के बारे में जानकारी दे रहे हैं । विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
दोस्तों, भारत में केवल 28 प्रतिशत महिलाओं को जमीन में हिस्सेदारी मिली हुई है। खेतीहर भूमि में तो यह और भी कम महज 11 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी है। जबकि खेती का 80 प्रतिशत काम महिलाओं के द्वारा ही किया जाता है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जमीन पर अधिकारों तो दूर की बात है, महिलाओं को किसान ही नहीं माना जाता है। ग्राणीण इलाकों में किसान के तौर अभी भी पुरुषों की पहचान बनी हुई है। *------ महिलाओं को अधिकार न दिये जाने के मसले पर आप क्या सोचते हैं, *------ क्या आपको भी लगता है महिलाएं अभी भी पिछ़ड़ी हुई हैं? या फिर वह अभी भी स्वतंत्र निर्णय ले पाने की स्थिति में नहीं ले सकती हैं। *------ महिलाओं को भूमि अधिकार मिलने से उनके जीवन स्तर और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में क्या सुधार हो सकता है? *------ महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों के राह में क्या -क्या बाधाएं हैं और इन्हें कैसे दूर किया जा सकता है? *------ महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए क्या- क्या तरीके प्रभावी हो सकते हैं?
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से गीता यादव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सविता सिंह से हुई। सविता सिंह यह बताना चाहतीं है कि जिस तरह से पुरुष को भूमि पर अधिकार मिल रहा है ,उसी तरह महिलाओं को भी मिलना चाहिए। महिलाओं को जमीनी अधिकार मिलने से उनका मान सम्मान बढ़ता है। बच्चों को पढ़ा लिखा सकते है। बच्चों को सशक्त बना सकती है।
इस कार्यक्रम में एक परिवार बात कर रहा है कि कैसे बढ़ती गर्मी से बचा जाए। वे चर्चा करते हैं कि शहरों में ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए, पानी बचाना चाहिए, और लोगों को इन बातों के बारे में बताना चाहिए। और सभी को मिलकर अपने आसपास की जगह को ठंडा और हरा-भरा बनाकर रखना चहिये
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती के जमुनहा प्रखंड के ग्राम लक्ष्मणपुर गंगापुर से पूनम देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सीमा मौर्या से हुई। सीमा मौर्या यह बताना चाहती है कि वो 23 वर्ष की है वह व्यापार करना चाहती है। वह पैसों की कमी के कारण नहीं कर पा रही है।
