यह एपिसोड बदलते मौसम और असामान्य बारिश के कारण कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले विभिन्न प्रभावों की व्यापक चर्चा करता है। फसल उत्पादन, मिट्टी की गुणवत्ता, पानी प्रबंधन और किसानों की आजीविका पर पड़ने वाले असर का विस्तृत विवरण दिया गया है। साथ ही, इन चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों द्वारा अपनाए जा रहे समाधानों और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है।
दोस्तों, राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के अनुसार एक महिला अभी भी 2.5 किमी तक पैदल चलकर जाती हैं ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अपने परिवार के लिए पीने का पानी लाने में औसतन दिन में 3-4 घंटे खर्च करती हैं, यानि अपने पूरे जीवन काल में 20 लाख घंटों से भी ज्यादा. क्या आपको ये बातें पता है ?और ज्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें.
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से शीला देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सोनी से हुई। सोनी यह बताना चाहती है कि वह बिस्कुट का बिज़नेस करना चाहती है। उनको ट्रेनिंग अगर दिया जाए तो वह अच्छे से बिज़नेस कर सकती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से शीला देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से उषा देवी से हुई। उषा देवी यह बताना चाहती है कि वह बिस्कुट का बिज़नेस करना चाहती है। उनको ट्रेनिंग अगर दिया जाए तो वह अच्छे से बिज़नेस कर सकती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से शीला देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से हुई। ये बताती है कि ये झाड़ू बनाने का कार्य करना चाहती है लेकिन इनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है कि व्यापार शुरू कर पाए। अगर इन्हे आर्थिक रूप से सहयोग मिलेगा तो ये झाड़ू बनाने का व्यापार शुरू करना चाहेंगी
उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से जगीराम यादव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से माधुरी देवी से हुई। ये कहती है कि ये भैंस पालन करना चाहती है,इसमें दूध का व्यापार में बहुत लाभ है।
उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से जगीराम यादव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुमन देवी से हुई। ये कहती है कि ये कोचिंग सेंटर खोलना चाहती है,इसमें बहुत लाभ है
ये रेशम का धागा नहीं बहन का प्यार है यही तो खट्टे-मीठे रिश्तों की तकरार हैं भाई की कलाई की शोभा जिससे होती है वो और कुछ नहीं रक्षा बंधन का त्यौहार है नमस्कार /आदाब, दोस्तों ,सावन पूर्णिमा के दिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन मनाया जाता है, रक्षाबंधन का त्योहार भाई और बहन के लिए बेहद ही खास दिन होता है। भाई की कलाई पर राखी बांधना बहन की ओर से स्नेह और सुरक्षा का प्रतीक है, और परिणामस्वरूप, भाई उसकी रक्षा करने का वचन देता है। भाई अक्सर अपनी बहनों को पैसे या उपहार देकर उनके प्रति अपना प्यार दिखाते हैं। रक्षाबंधन का पर्व न सिर्फ भाई -बहन के प्यार को दर्शाता है बल्कि यह पर्व पारिवारिक सुरक्षा का प्रतिक भी है साथ ही यह पर्व एकजुटता और जिम्मेदारी की भावना की सराहना करता है। श्रोताओ मोबाइल वाणी परिवार की और से आप सभी को भाई-बहन की पावन पर्व रक्षाबंधन की ढेर सारी शुभकामनाएं !
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री अशोक झा जीवामृत और घनामृत खाद बनाने के बारे में जानकारी दे रहें हैं। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
