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उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से संतोष , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि उनको राजीव की डायरी सुन कर अच्छा लगा

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से संतोष , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि उनको पक्ष विपक्ष का कार्यक्रम सुनकर अच्छा लगता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से शिला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि घरेलू हिंसा महिलाएं क्यों झेलें ?महिलाओं को आगे बढ़ने और सम्मान से जीने के लिए खुद को सशक्त बनाना होगा। बेटिओं को शिक्षित कर के उनको समर्थवान और सक्षक्त बनाना होगा,वर्ना वो भी डर के साए में जीने को मजबूर रहेंगी।घरेलू हिंसा महिलाओं की जान ले लेता है।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा तरबूज की खेती से सम्बंधित जानकारी दे रहे हैं । विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...

ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करने हेतु एसएसबी के द्वारा की गई बैठक

विद्यालय प्रबंध समिति सचिव / प्रधानाध्यपाक एवं ग्राम प्रधान / स्थानीय अधिकारी - निकाय के सदस्यों व ब्लाक स्तरीय एक दिवसीय संगोष्टी एवं उन्मुखीकरण का आयोजन ब्लाक संसाधन केंद्र जमुन्हा के परिसर मे किया जा रहा है। जिसकी अध्यक्षता प्रिया पाठक खंड शिक्षाधिकारी जमुनहा ने माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रलजावलित कर शुरुवात किया है। विद्यालय प्रबंध समिति मे 15 सदस्य है। जिसमे प्रधानाध्यापक, सचिव सदस्य, एएनएम सदस्य, लेखपाल सदस्य, प्रधान द्वारा नामित सदस्य तथा 11 अभिभावक सदस्य (जिसमे 50 प्रतिशत महिलाये सदस्य sc, st, obc, gen, अल्पसंख्यक) विद्यालय के विकास के कार्यक्रम बनाना, नामांकन, ठहराव ( पहले 6 वर्ष से लागू था 6-14 वर्ष) ,( जबसे ट्वेंटी ट्वेंटी में 3 से 18 वर्ष से निशुल्क शिक्षा लागू हुआ है जो पूर्व के आंगनबाड़ी से बच्चे लिया गया है ) एवं विद्यालय मे आने वाली धनराशि का बेहतर प्रयोग हो कल्प पर खर्च किया जाये। महादेवा सलारपुर में स्थित कम्पोजिट विद्यालय के सीएमसी अध्यक्ष मुमताज़ ने खंड शिक्षाधिकारी जमुनहा को (ग्राम प्रधान सतगुर प्रसाद द्वारा माध्यम भोजन, फल, दूध) कमी को उजागर करते हुए बताया विद्यालय की गुणवत्ता विहीन मध्याम भोजन, दो शिक्षको को विभागीय कार्य से 01 से 08 तक कक्षा मे 300 सौ बच्चे से अधिक नामांकन होने के बाद भी शिक्षण कार्य नही हो पाता है। इसकी शिकायत किया। इस मौक़े पर एआरपी अवधेश वर्मा, वेद प्रकाश, राकेश सिंह, बृजेश कुमार शिक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह, अलोक गुप्ता, पुष्पलता मिश्रा, प्रधान गण सुधिर सिंह, असरार आलम, फिरोज अहमद, इरशाद अहमद आदि अन्य लोग अभिभावक, प्रधान, सदस्य उपलब्ध रहे।

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।

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