उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से रानी सिंह , मोबाइल वाणी के माध्यम से महिलाओं के विभिन्न अधिकारों के बारे में जानकारी।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से रानी सिंह , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि कन्या भ्रूण हत्या नवजात बालिकाओं की जानबूझकर हत्या है। लिंग-आधारित गर्भपात के इतिहास वाले देशों में कन्या भ्रूण हत्या एक आम मुद्दा है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से रानी सिंह , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि भ्रूण हत्या नहीं होनी चाहिए
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ किसानों को खेत में वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से होने वाले फायदों की जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से शीला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की खीरा आंखों के लिए फायदेमंद होता है। वजन कम करने के लिए खीरा खाना अच्छा होता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से शीला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की कुछ भी खाने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोएँ ऐसा बिल्कुल न करें की मेरा हाथ गंदा नहीं लग रहा है तो नहीं धोना चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से रानी,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि भारतीय महिलाओं के लिए परिवार ही पहली प्राथमिकता होती है। हर क्षेत्र में वो अपना बेस्ट देने की कोशिश करती है लेकिन लोग अब भी महिलाओं पर तंज कसते है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से रानी सिंह , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि महिलाओं के बारे में जानकारी दी जाती है कि आज तक कोई भी महिला को नहीं जानता है और जो उसे जानता है वही जीवन है वह फिर कभी दुखी नहीं होता है ,महिलाएं सुबह से घर का काम करती हैं। वह सोने तक अथक परिश्रम करती है और फिर भी उसके चेहरे पर पलकें नहीं झपकती हैं। महिला पहले घर के सभी सदस्यों को प्यार से खिलाती है और फिर खुद खाती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से रानी सिंह , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है उनको लगता है कि महिलाओं को यह दिखाना मूर्खतापूर्ण है कि वे पुरुषों के बराबर हैं बहुत बेहतर हैं और हमेशा वही रहे हैं जो आप एक महिला को देते हैं। अगर आप उसे सामान देंगे तो वह इसका पूरा फायदा उठाएगी, अगर आप उसे घर देंगे तो वह आपको एक बच्चा देगी, अगर आप उसे किराने का सामान देंगे तो वह आपको एक घर देगी।
दोस्तों, हमारे यह 2 तरह के देश बसते है। एक शहर , जिसे हम इंडिया कहते है और दूसरा ग्रामीण जो भारत है और इसी भारत में देश की लगभग आधी से ज्यादा आबादी रहती है। और उस आबादी में आज भी हम महिला को नाम से नहीं जानते। कोई महिला पिंटू की माँ है , कोई मनोज की पत्नी, कोई फलाने घर की बड़ी या छोटी बहु है , कोई संजय की बहन, तो कोई फलाने गाँव वाली, जहाँ उन्हें उनके मायके के गाँव के नाम से जाना जाता है। हम महिलाओ को आज भी ऐसे ही पुकारते है और अपने आप को समाज में मॉडर्न दिखने की रीती का निर्वाह कर लेते है। समाज में महिलाओं की पहचान का महत्व और उनकी स्थिति को समझने की आवश्यकता के बावजूद, यह बहुत दुःख कि बात है आधुनिक समय में भी महिलाओं की पहचान गुम हो रही है। तो दोस्तों, आप हमें बताइए कि *-----आप इस मसले को लेकर क्या सोचते है ? *-----आपके अनुसार से औरतों को आगे लाने के लिए हमें किस तरह के प्रयास करने की ज़रूरत है *-----साथ ही, आप औरतों को किस नाम से जानते है ?
