उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से जयलता यादव ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाएँ ग्रामीण समाज में एक महत्वपुर्ण भूमिका निभाती है ।वो देखभाल करती है ,छोटे व्यापार ,खेती आदि गतिविधियों में शामिल होती है। महिलाएँ मेहनत बहुत करती है पर कमाती कम है
उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से जयलता यादव ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को शिक्षित होना बहुत ज़रूरी है ।महिला जबतक शिक्षित नहीं होगी तो वो अपने अधिकारों को समझ कर उसे हासिल नहीं कर पाएगी। अपने खिलाफ होने वाले अत्याचार को रोक नहीं पाएगी
उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से जयलता यादव ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि ग्रामीण महिला सशक्तिकरण के लिए संस्थागत क्षमता निर्माण ज़रूरी है ।मूल रूप से महिला सशक्तिकरण वह प्रक्रिया है जिसमे महिलाएँ व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से सक्रिय, जानकार और लक्ष्य-उन्मुख कलाकार बन जाती हैं जो लैंगिक असमानताओं को दूर करने के लिए पहल करती हैं।
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उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से संजू तिवारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि संतरा ,निम्बू ,पपीता खाना चाहिए यह विटामिन सी से भरपूर होते है ।अंडा ,ब्रोकली ,पालक और हरे पत्तेदार सब्ज़ियों का सेवन करना चाहिए जिससे विटामिन ए शरीर को मिले
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ अशोक झा प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दे रहे हैं।ऑर्गेनिक खेती करने में किसानों को कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। इसकी पूरी जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
खुद का खेल बनाना बच्चों को सीखने में मदद करता है, इससे उनका दिमाग तेज़ होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है | खेल में माता पिता का साथ बच्चों और उनके बीच के रिश्ते को और गहरा करता है | क्या आप अपने बच्चों के साथ उनके द्वारा बनाया गया कोई खेल खेलते है ?
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा किसान भाइयों को खरीफ धान के नर्सरी हेतु खेत की तैयारी की जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से शीला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि प्राचीन काल से कई शासक योद्धा अर्थात पुरुष प्रधान समाज के कारण महिला शिक्षा का महत्व नहीं था । किन्तु एक सदी पहले राजा राममोहन राय और ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने महिला शिक्षा की शुरुआत की थी, उन्हें कई विरोध और हिंसा का सामना करना पड़ा था, लेकिन लोगों के बीच महिला शिक्षा के महत्व को बढ़ावा दिया गया था। जैसे-जैसे समय बीतता गया और महिला शिक्षा में बदलाव और विकास होने लगा। महिलाएं भी इस देश की नागरिक हैं और उसे भी शिक्षा प्राप्त करने का पूरा अधिकार है जब दोनों को संविधान में समान अधिकार मिले हैं तो शिक्षा के क्षेत्र में भी समान अधिकार होने चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
