उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से संजू तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हवा हर जगह है और हवा की आवश्यकता जीवित रहने के लिए आवश्यक है इसलिए हवा पृथ्वी का एक प्रमुख घटक है और इसमें ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन जैसे तत्व होते हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से संजू तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि वायु के बिना पृथ्वी पर जीवन नहीं है। पौधों, जानवरों या जीवित प्राणियों के बिना, पृथ्वी समान होगी, हवा के बिना कोई जीवन अस्तित्व में नहीं होगा, और यहां तक कि पौधे भी प्रकार संश्लेषण की प्रक्रिया से नहीं गुजर सकते।

उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से संजू तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मटका का पानी पीने से ब्लड प्रेशर की बीमारी ठीक होती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से रानी सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे जीवन के लिए जल बहुत महत्वपूर्ण है। जल हमारे ऊर्जा संबंध और संतुलित विकास का मुख्य आधार हैं। जल के बिना हम जीवित नहीं रह सकते और न ही कोई जीवन अस्तित्व में आ सकता है। जल हमें स्वच्छता, समृद्धि और समृद्धि की ओर भी ले जाता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से रानी सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला और बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता है। कल्याणकारी कार्यक्रम कल्याणकारी रोजगार और आय के लिए प्रशिक्षण और उत्पादन जैसे अन्य कार्यों को संबोधित करते हैं। ये कार्यक्रम स्वास्थ्य शिक्षा और ग्रामीण विकास के कार्यों के अतिरिक्त हैं।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ अशोक झा धान की फसल के लिए धान के नर्सरी तैयारी करने के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसकी पूरी जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.

उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से संजू तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मिटटी के घड़े में पानी क्यों और कैसे ठंडा होता है

उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से शीला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे देश में शिक्षा के सभी स्तरों पर बालक-बालिकाओं के लिए समान पाठ्यक्रम, पुस्तकें और परीक्षाएँ हैं। अत: अधिकांश लोग इस प्रकार की शिक्षा के विरोधी हैं, क्योंकि उनका विचार है कि बालिकाओं की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक आवश्यकताएँ बालकों से भिन्न होती हैं। अतः एक-समान पाठ्यक्रम बालिकाओं के लिए उपयुक्त नहीं होता। इस ज्ञान-प्रधान और पुस्तक-प्रधान पाठ्यक्रम का बालिकाओं के वास्तविक जीवन से कोई सम्बन्ध नहीं होता।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से शीला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में लोगों का स्त्रियों के प्रति बहुत संकीर्ण दृष्टिकोण पाया जाता है। अशिक्षा के कारण अधिकांश व्यक्ति यह कहते हैं कि स्त्रियों को केवल घर-गृहस्थी का कार्य भार सँभालना है, इसलिए अधिक पढ़ाने-लिखाने की आवश्यकता नहीं है। शिक्षा प्राप्त करने पर स्त्रियाँ घर के काम नहीं कर सकेंगी। इस प्रकार के संकीर्ण दृष्टिकोण स्त्री-शिक्षा के प्रसार में बाधक सिद्ध हो रहे हैं।भारत में अधिकांश लोग अपने बालकों को शिक्षा नौकरी प्राप्त करने के सामाजिक कुप्रथाएँ एवं उद्देश्य से दिलाते हैं और लड़कियों को शिक्षा इसलिए देते हैं, अन्धविश्वास जिससे उनका विवाह अच्छे परिवार में हो जाए। इस अनुचित दृष्टिकोण के कारण विवाह होते ही लड़कियों की पढ़ाई बन्द करा दी जाती है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से शीला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि समाज तथा घर में स्त्री का स्थान महत्त्वपूर्ण होता है। अतः स्त्रियों का शिक्षित होना जरूरी है। आज की बालिका कल की स्त्री है, जिस पर पूरे परिवार का दायित्व होता है। अत: बालिका शिक्षा (स्त्री) भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है, जितनी बालक की शिक्षा।शिक्षित स्त्री अपने परिवार में विभिन्न मूल्यों का विकास तथा बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे सकती है।समाज के सतत् उत्थान के लिए भी शिक्षित नारियों का सहयोग आवश्यक है। सती प्रथा, पर्दा प्रथा, छुआछूत, अन्धविश्वास, दहेज प्रथा आदि को समाप्त करने के लिए स्त्री-शिक्षा आवश्यक है।पुरुषों के समान अधिकार एवं कर्तव्य प्राप्त कराने तथा उनके प्रति चेतना जाग्रत कर प्रजातन्त्र को सफल बनाने की दृष्टि से स्त्री-शिक्षा का प्रसार आवश्यक है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।