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उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से पवन ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लैंगिक असमानता के की मुख्य कारण है। बाल विवाह का होना, शिक्षा की कमी, दहेज़ प्रथा आदि। हमें इन सब कुरीतियों से लड़ना होगा और आगे आ कर महिलाओं के हक के लिए आवाज उठानी होगी
उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से पवन ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पिछले कुछ दिनों से सभी लोग गर्मी से बेहाल थे। लेकिन कल क्षेत्र में अच्छी वर्षा हुई। इससे ना केवल किसानों को खुशी हुई। बल्कि सभी जीव जंतुओं को भी राहत मिली। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
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उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से सावित्री देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इन दिनों गर्मी बहुत पड़ रही है और धूप भी बहुत तेज रहता है। ऐसे में गर्मी से बचने के लिए बहुत सारे घरेलू उपाय कर सकते हैं। जैसे - नौ बजे के बाद घर से बाहर नहीं जाना चाहिए। गर्मी की चपेट में आने से बहुत नुकसान होगा और स्वास्थ्य ख़राब हो जाएगा। गर्मी से सावधान रहें । विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से सावित्री देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गर्मी के मौसम में किसान और मजदूर खेतों में काम कर रहे हैं। धुप भी बहुत तेज है। इस परिस्थिति में खुद को गर्मी और धूप से बचा कर रखना चाहिए .विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से सावित्री देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ग्रामीणों को मनरेगा के अंतर्गत काम के अनुसार मजदूरी नही मिल रहा है। ऐसे मजदूरों की समस्या समाप्त होनी चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
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उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से शीला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि प्रदूषण का सीधा संबंध प्रकृति से मानते हैं, लेकिन यह सिर्फ किसी भी एक चीज़ को होने वाली हानि या नुकसान से जुड़ा हुआ नहीं है बल्कि उन सभी प्राकृतिक संसाधनों को खराब करने या व्यर्थ करने से है जो हमें प्रकृति ने बड़े ही सौंदर्य के साथ सौंपे हैं। यह कहावत हम सबने सुनी और पढ़ी है कि जैसा व्यवहार हम प्रकृति के साथ करेंगे वैसा ही बदले में हमें प्रकृति से मिलेगा। मिसाल के तौर पर हम कोरोनाकाल के लॉकडाउन के समय को याद कर सकते हैं कि किस प्रकार प्रकृति की सुंदरता देखी गई थी, जब मानव निर्मित सभी चीज़ें (वाहन, फैक्ट्रियाँ, मशीनें आदि) बंद थीं और भारत में प्रदूषण का स्तर कुछ दिनों के लिए काफी कम हो गया था या कहें तो, लगभग शून्य ही हो गया था।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
