उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से शीला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लड़कियों को आज भी पैसों की कमी के कारण अशिक्षित रहना पड़ता है। हमारे देश में शिक्षा के सभी स्तरों पर लड़कों और लड़कियों के लिए एक समान पाठ्यक्रम पुस्तकें और परीक्षाएँ हैं, इसलिए अधिकांश लोग इस प्रकार की शिक्षा का विरोध करते हैं। क्योंकि उनका मानना है कि लड़कियों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक आवश्यकताएँ लड़कों की अपेक्षा भिन्न होती हैं।