उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से जागीराम ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि बच्चों की शिक्षा के लिए एक बार सोचना पड़ता है कि बच्चों को सरकारी विद्यालय भेजे या निजी विद्यालय । सरकारी विद्यालय में पढ़ाई नहीं होती है तो निजी विद्यालय पढ़ाई के लिए बहुत महँगा है। विद्यालय का ही सामान लेने के लिए विद्यालय अनुसार ही दूकान का चयन करना पड़ता है। इससे विद्यालय वालों को ही लाभ मिलता है
