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दुनिया की बीस प्रतिशत ऑक्सीजन का उत्पादन अमेज़न के जंगलों में होता है। हो सकता है कि आप इसे नहीं जानते हों, लेकिन पेड़ पृथ्वी पर सबसे पुराने जीवित प्राणी हैं। पेड़ उम्र के कारण कभी नहीं मरते हैं और पृथ्वी पर मनुष्य के जन्म के बाद से लगभग तीन खरब पेड़ काटे गए हैं, इसके अनुसार दुनिया में फुटबॉल के मैदान के बाद हर दो सेकंड में। हर साल जिस दर से पेड़ लगाए जा रहे हैं, उससे दोगुनी दर से वनों की कटाई की जा रही है, यानी हर साल मनुष्यों द्वारा पांच अरब पेड़ लगाए जा रहे हैं, जबकि काटे जा रहे पेड़ों की संख्या है एक पेड़ एक दिन में इतनी ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हुए एक वर्ष में लगभग 21 दशमलव सात किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है कि चार लोग पृथ्वी पर रह सकते हैं। पेड़ों की संख्या मानव मस्तिष्क में शवों, चिताओं और कोशिकाओं की संख्या से अधिक है। पृथ्वी पर लगभग तीन खरब दस अरब पेड़ हैं। रूस में दुनिया में सबसे अधिक पेड़ हैं। रूस के पास लगभग छह हैं। वहाँ छह सौ बयालीस करोड़ पेड़ हैं। दुनिया के पेड़ों के अनुसार, एक व्यक्ति के लिए चार सौ चौंसठ सौ बाईस पेड़ बचे हैं। प्रत्येक भारतीय के लिए केवल अट्ठाईस पेड़ बचे हैं। यदि पेड़ एक पंक्ति में हैं, तो वे दो हैं। फूल मिट्टी के स्तर को पचहत्तर प्रतिशत तक कम कर देते हैं जबकि आने वाले फूल मिट्टी के स्तर को पचास प्रतिशत तक कम कर देते हैं। दुनिया की बीस प्रतिशत ऑक्सीजन का उत्पादन अमेज़न के जंगलों से होता है। ये वन 8 करोड़ हैं।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बच्चों को हमें शिष्टाचार कैसे सिखाना चाहिए, खासकर जब वे मेज़ पर खाना खाते हैं। समझाएँ कि उन्हें हमेशा पीठ सीधी रखते हुए मेज़ पर कैसे बैठना चाहिए। समझाएँ कि अपने पैरों को कैसे न हिलाया जाए या अपने हाथों को दूसरे व्यक्ति के स्थान पर कैसे न रखा जाए। हमेशा मेज पर अपनी बारी का इंतजार करें। हाथापाई न करें। हमेशा धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करें। बच्चों को बर्तनों का सही तरीके से उपयोग करना सिखाएं। बच्चों को हमेशा खाने की मेज पर हाथ धोने और खाने के लिए बैठने के बाद खाने के लिए कहें। सुनिश्चित करें कि अपनी गोद में एक नैपकिन रखें ताकि कपड़े गंदे न हों। बच्चों को बताएं कि अगर हर कोई खाने के लिए बैठता है, तो सभी के खाना शुरू करने के बाद ही खाएँ और खाने के बाद उठें। बच्चों को मुँह बंद करके खाना चबाना सिखाएँ। इसके अलावा, बच्चों से कहें कि वे अपना मुँह भरकर न खाएँ, उन्हें छोटे-छोटे निगल के साथ खाने के लिए कहें, उन्हें भोजन की आलोचना न करने के लिए कहें, और उन्हें कहें कि वे मुँह न फैलाएँ या भोजन के साथ न खेलें। उन्हें सभी के साथ बैठने और खाने के लिए कहें, उन्हें सिखाएं कि बच्चों को वयस्कों के बीच बात नहीं करनी चाहिए और उनकी बारी आने पर ही कुछ कहना चाहिए। बच्चों के बैठने से पहले और उठने के बाद हमेशा कुर्सी रखें।
आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे हमारे श्रोताओं की राय की उन्हें यह कार्यक्र्म सुन कर क्या लाभ हुआ।
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नाम मैं हिलाल गांव पंडित पुरवा भूपगंज
महिलाल पंडित पुरवा
नागेंद्र सिंह पिता केशव सिंह ग्राम सिंहपुर ना हवेली
बैजनाथ पिता पंचम ग्राम सभा सिंगापुर
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