उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ब्लॉक हुजूरपुर, थाना हुजूरपुर, जिला बहराइच ,तहसील पयागपुर के स्थानीय निवासी बुधना से बातचीत की। बातचीत में बुधना ने बताया कि महिलाओं का सम्मान बढ़ा है, सब कुछ है लेकिन महिलाओं को भी सम्मान मिलना चाहिए और इसका मतलब पुरुषों की वजह से है
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ब्लॉक हजूरपुर , थाना हुजूरपुर,तहसील पयागपुर, जिला बहराइच के स्थानीय निवासी राम केवल निषाद से बातचीत की। बातचीत में राम केवल निषाद ने बताया कि महिलाओं को जमीनी अधिकार में नहीं गिना जा सकता ,क्योंकि हमारे देश में जमीन की कीमत महत्वपूर्ण है। महिलाएं, अशिक्षित है और वे घर के अंदर रहती हैं इसलिए उन्हें बाहरी ज्ञान नहीं है। यही कारण है की महिलाओं को भूमि का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा मक्का फसल की बुवाई के बारे में जानकारी दे रहे हैं । विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
दोस्तों, भारत में केवल 28 प्रतिशत महिलाओं को जमीन में हिस्सेदारी मिली हुई है। खेतीहर भूमि में तो यह और भी कम महज 11 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी है। जबकि खेती का 80 प्रतिशत काम महिलाओं के द्वारा ही किया जाता है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जमीन पर अधिकारों तो दूर की बात है, महिलाओं को किसान ही नहीं माना जाता है। ग्राणीण इलाकों में किसान के तौर अभी भी पुरुषों की पहचान बनी हुई है। *------ महिलाओं को अधिकार न दिये जाने के मसले पर आप क्या सोचते हैं, *------ क्या आपको भी लगता है महिलाएं अभी भी पिछ़ड़ी हुई हैं? या फिर वह अभी भी स्वतंत्र निर्णय ले पाने की स्थिति में नहीं ले सकती हैं। *------ महिलाओं को भूमि अधिकार मिलने से उनके जीवन स्तर और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में क्या सुधार हो सकता है? *------ महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों के राह में क्या -क्या बाधाएं हैं और इन्हें कैसे दूर किया जा सकता है? *------ महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए क्या- क्या तरीके प्रभावी हो सकते हैं?
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से सोनी से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए इससे वे अपने लिए कुछ भी कर सकती हैं, वे अपने बच्चों के लिए सोच सकती हैं। वह अपना और अपने बच्चों का भविष्य भी बना सकती है। उनका मानना है कि महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को सशक्त बनने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी शिक्षा है यदि वे शिक्षित हैं तो कुछ भी कर सकेंगी
उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लाक हुजूरपुर थाना हुजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से जानवी सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि हमारे समाज में महिलाओं को भूमि में हिस्सा नहीं दिया जाता है उन्हें भूमि में हिस्सा मिलना चाहिए । अक्सर महिलाएं घर में चुल्हा चौका करती हैं। उन्हें बाहर जाकर नौकरी करना चाहिए जिस तरह से पुरुषों को हिस्सा मिलता है महिलाओं को भी हिस्सा मिलना चाहिए। अगर महिलाओं को अधिकार नहीं मिलेंगे तो वे आगे नहीं बढ़ पायेंगे।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पाण्डेय मोबाइल वाणी के माध्यम से मीना पांडे से बातचीत की।बातचीत में उन्होंने बताया कि भूमि का अधिकार मिलना चाहिए क्यूंकि उनके समय में भूमि अधिकार नहीं मिलेगा तो क्या मेरे बेटे और बहू के शासनकाल में मिलेगा ऐसे में तो उनका जीवन व्यर्थ हो जाएगा। कोई अधिकार नहीं दिया जाएगा, कोई व्यवस्था नहीं होगी तो वे अपने बच्चों के भविष्य कैसे बना पायेंगी। पहले के लोग कम पढ़े लिखे नहीं थे उन्हें अपने पत्नियों की उतनी चिंता नहीं थी लेकिन अभी के पतियों को अपने पत्नी को सारे अधिकार देना चाहिए। उन्हें अपने सम्मान का ध्यान रखना चाहिए और साथ ही उनकी देखभाल करके उन्हें पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे महिलाओं को उनका अधिकार नहीं देना चाहते हैं क्यूंकि पुरूष का सोचना है कि समाज में उनका इज्जत कम हो जाएगा। समाज में बदलाव होना जरूरी है क्यूंकि आज के समय में बहु बेटियां शिक्षित हो गयी हैं और उन्हें उनका अधिकार मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर मौज ज्ञानपुर के स्थानीय निवासी आत्मजा सागर से बातचीत की। बातचीत में आत्मजा सागर ने बताया कि महिलाओं को सरकार द्वारा इंदिरी आवास की भी सुविधा प्रार्थमिकता पर दी जाती है ,ऐसे में यदि महिलाओं को सम्पति का भी अधिकार दे दी जाए तो पुरुषों के पास कुछ भी नहीं बचेगा। इसलिए महिलाओं को सम्पत्ति का अधिकार नहीं मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने स्थानीय निवासी माला से मोबाइल वाणी के माध्यम से बातचीत की। माला ने बताया कि महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए पुरुषों के साथ यह समस्या है कि इससे उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचती है, यदि महिलाओं को जमीन दी जाये तो। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से प्रभावित महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। स्वतंत्रता आंदोलन से पहले महिलाओं को बहुत दबाया जाता था और इसका मतलब है कि बहुत सारी प्रथाएं थीं , तो महिलाएं पिछले स्वतंत्रता आंदोलन से प्रभावित होकर अब आगे बढ़ रही हैं । महिलाएं हर विभाग में बहुत आगे हैं, पहले महिलाएं बहुत उदास हुआ करती थीं। परिवार के सदस्य भी उन्हें दबाते थे।
इस कार्यक्रम में एक परिवार बात कर रहा है कि कैसे बढ़ती गर्मी से बचा जाए। वे चर्चा करते हैं कि शहरों में ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए, पानी बचाना चाहिए, और लोगों को इन बातों के बारे में बताना चाहिए। और सभी को मिलकर अपने आसपास की जगह को ठंडा और हरा-भरा बनाकर रखना चहिये
