उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से सकीना बानो से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके पास जमीन नहीं है लेकिन अगर उन्हें जमीन दे दिया जाए तो वे अपने बच्चों का पालन पोषण अच्छे से कर पायेंगे

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी मीना पांडेय से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने ने बताया की महिलाओं को ऐसा अधिकार दिया जाना चाहिए की उनका जीवन बिना किसी आर्थिक समस्या के व्यतीत हो। शिक्षित महिलायें गाँव को संभाल सकती है,परन्तु उन्हें कुछ मदद की जरुरत होगी। गाँव में बहुत सारी शिक्षित महिला बेरोज़गार पड़ी हुई है उन्हें सरकार की और से मदद की जरुरत है। महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना ही चाहिए ,ताकि वो आत्मसम्मान के साथ समाज में जी सके

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम ग्राम पुरैनी के निवासी विक्रम से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने ने बताया की महिलाओं को भूमि नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि महिलायें इस अधिकार का गलत इस्तेमाल कर सकती है।

नाम विशाल सिंह पिता का नाम विजय सिंह ब्लॉक हजूरपुर थाना हुजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच मोबाइल नंबर 8795 59 3634

नाम विशाल सिंह ब्लॉक हुजूरपुर थाना हुजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच

उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लॉक पयागपुर जिला बहराइच से साक्षी सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से शक्ति तिवारी से बातचीत की।बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाएं अपने खेतों में काम करती हैं उसमे उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता दूसरों के खेतों में काम करती हैं तो उन्हें मजदूरी मिलता है। उनका कहना है कि महिलाओं को पढ़ाई लिखाई में ध्यान देना होगा तभी वे आगे बढ़ पायेंगी

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पाण्डेय मोबाइल वाणी के माध्यम से जोखनलाल वर्मा से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है।महिलाएं समूह भी दो साल से चला रही हैं लेकिन उसमें कोई योजना भी नहीं आ रही है।महिलाओं के लिए शिक्षा की कोई व्यव्सथा नहीं है उनके विकास के लिए कोई योजना भी नहीं चलायी जा रही है।

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला के गंगापुर से शालिनी पाण्डेय मोबाइल वाणी के माध्यम से गीता से बातचीत की।बातचीत में उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों की तरह यहाँ की औरतें भी खेती का हिस्सा हैं, लेकिन बदले में उन्हें करना पड़ता है। इसका कोई लाभ नहीं है जैसे कि अगर महिला किसी के स्थान पर मजदूर के रूप में काम करती है, तो उसे उससे पैसा मिलता है, लेकिन अगर वह अपने खेत में काम करती है, तो उसे इससे कोई विशेष लाभ नहीं मिलता है,अगर वे घर पर काम करते हैं तो उन्हें कुछ नहीं मिलता , इसलिए उनके नाम पर खेत का दस प्रतिशत दिया जाना चाहिए और उन्हें यह खेती करने, गन्ना लगाने या फसल लगाने के लिए कहा जाना चाहिए। इससे उनका विकाश होगा और वे आगे बढ़ेंगी। गीता जी का कहना है कि चाहे वह पुरुष हो या महिला, उन्हें शिक्षित होने की आवश्यकता है। जब वे शिक्षित होंगी तो अच्छा स्वास्थ्य होगा इसलिए उन्हें ठीक से शिक्षित किया जाना चाहिए।