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उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से रायपुर की रहने वाली एक दीदी से बातचीत की। उन्होंने बताया कि रिश्ता खराब ना हो जाये इसके डर से महिलाएं जमीन में हिस्सा नहीं लेती हैं। उन्हें परिवार वाले जमीन भी नहीं देते है और बहन -बेटियों का मायका से रिश्ता भी खराब हो जाता है। इसलिए महिलाएं चाह कर भी जमीन में हिस्सा नहीं ले पाती हैं।
हमारा देश कृषि प्रधान देश है जिसमें बाढ़ और सुख का विशेष महत्व है बाढ़ आने पर फसल नष्ट हो जाती है और सूखा पड़ने पर भी फसल नष्ट हो जाती इससे समाज पर और पेड़ पौधे पर बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता है
सूखाग्रस्त एरिया में किस को फसल में विशेष नुकसान पड़ता है पेड़ पौधे और जनजीवन भी बारिश न होने के कारण
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से तारसेम सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि देश देश के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं खेती पर निर्भर रहती हैं लेकिन उन्हें उसका कोई पैसा नहीं दिया जाता है। महिलाएं अपना आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वे बकरी पालन कर सकती हैं या फिर कोई रोजगार कर सकती हैं। शिक्षित महिलाएं घर के अंदर बैठी हैं, तो उन्हें भी रोजगार व्यवसाय का अधिकार है। उन्हें पुरूष के द्वारा उन्हें निकलने नहीं दिया जाता है। उनका कहना है सरकार के द्वारा जो योजनाएं निकाली गयी हैं वो लोगों को नहीं मिल पाती। महिलाएं जागरूक होंगी तभी वे पुरूषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल पायेंगी। महिलाओं के पास खुद का व्यवसाय होना चाहिए जिसको शुरू करने के लिए उनके पास पूंजी की आवश्यकता है
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे समाज में महिलाएं शिक्षित हैं लेकिन पैसों की कमी के कारण घर पर बैठी हुई हैं ,बाहर इंटरव्यू में जाती हैं जिसमे उन्हें बहुत पैसा लगता है जिसके कारण रोजगार नहीं मिल पाता। घर पर महिलाओं के साथ झगड़ा होता है और पारिवारिक तनाव के कारण महिलाएं जान दे देती हैं। पढ़ी लिखी महिलायें घर पर बैठी हैं पूंजी की कमी के कारण वे व्यवसाय नहीं कर पाती हैं।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे समाज में पढ़ी लिखी महिलाऐं कुछ कर नहीं पा रही हैं क्यूंकि उनके पास उतना पैसा नहीं है कि वे कोई व्यवसाय शुरू कर सके। हमारे समाज में महिलाएं लापता होती जा रही हैं चाहे पढ़ने के बहाने से हो या दहेज के नाम पर हो। महिलाओं के साथ अत्याचार होता है जिसके कारण उन्हें अपनी जान गवानी पड़ती है। हमारे समाज में महिलाओं की स्थिति में सुधार होना बहुत जरूरी है उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाने की बहुत जरूरत है। महिलाएं जागरूक होना चाहती हैं लेकिन पुरूषों द्वारा उन्हें रोका जाता है। जिस हिसाब से जमीन में पुरूषों का अधिकार होता है महिलाओं का भी उतना ही अधिकार होना चाहिए। बहुत सारे परिवार में महिलाएं मारी पीटी जाती हैं जबकि माता पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे खुश रहें
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रतन लाल से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं कृषि क्षेत्र का एक प्रमुख हिस्सा है। उन्हें बदले में कोई लाभ नहीं मिलता है, उन्हें अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए उन्हें अधिकार मिलना चाहिए। महिलाएं कोई व्यवसाय करें जैसे पशुपालन करें कोई दुकान खोले जिससे उनका आर्थिक स्थिति में सुधार हो। जिस तरह से पुरुषों का हिस्सा जमीन में होता है महिलाओं का भी अधिकार जमीन में होता है। महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगी। महिलाएं पूंजी की कमी के कारण कोई व्यवसाय नहीं कर पाते हैं
