उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विकाश सिंह ने प्रखंड पयागपुर गांव ,ग्राम सहस्रनाम के स्थानीय निवासी बालमुकुंद तिवारी से बातचीत की। उन्होंने बताया कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से प्रभावित महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं का सशक्तिकरण समाज में बदलाव ला सकता है। महिलाएं परिवार की पहली पाठशाला हैं। इसलिए अगर महिलाएं हमेशा शिक्षित रहती हैं और गणित में कुछ बुनियादी ज्ञान रखती हैं, तो वे हमेशा परिवार चलाएंगी और परिवार हमेशा खुश रहेगा, देश खुश रहेगा, लोग खुश होंगे। इसलिए उन्हें भूमि का अधिकार दिया जाना चाहिए। हमारे देश में किसी पुरुष के नाम पर भूमि हो सकती है तो महिलाओं का अधिकार क्यों नहीं। महिलाएं भी इसका हिस्सा होनी चाहिए। राजनेताओं को इस पर कानून बनाना चाहिए और महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार मिलने चाहिए। तभी देश का विकास होगा, गांव का विकास होगा, परिवार का विकास होगा और लोग खुश होंगे।