निश्चित रूप से प्रतिदिन योग करने वाले व्यक्ति अन्यों की तुलना में अधिक स्वस्थ और दीर्घायु होता है परंतु सांस लेने की प्रक्रिया का सीधा संबंध पर्यावरण से होता है क्योंकि प्रातः जिस शुद्ध वायु को हम सांस के साथ फेफड़ों में भरने के लिए योग करते हैं यदि वह शुद्ध नहीं होगी तो योग से लाभ की वजाए हानि होगी उक्त विचार योग प्रशिक्षक विवेक खत्री ने रखें उन्होंने आगे बताया एक व्यक्ति दिन भर में जितनी ऑक्सीजन लेता है उससे ऑक्सीजन के तीन सिलेंडर भरे जा सकते हैं एक व्यक्ति अपनी 60 वर्ष की आयु में करोड़ों रुपए की ऑक्सीजन प्रकृति से मुफ्त में ले रहा है बदले में प्रकृति को प्रदूषण गंदगी देता है आज गांव शहर में बढ़ता प्रदूषण चिंतनीय है वातावरण प्रदूषित होने के कारण हमें प्राकृतिक वातावरण में आना होता है पर्यावरण संरक्षण अति आवश्यक है पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए और हर व्यक्ति को हर वर्ष जून माह में एक पौधा अवश्य लगाए और वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करें
