70 - 72 वर्ष की आयु में शरीर लगभग जवाब देने लगता है परंतु यहां 70 - 75 साल के श्रद्धालु रोजाना 25- 30 ,35 किलोमीटर का सफर पथरीले , उबड़ खाबड़ रास्ते पर तय कर रहे हैं । नर्मदा के प्रति उनमें अगाध श्रद्धा उन्हें कष्ट के बावजूद भी एक आध्यात्मिक आत्मिक संतोष देती है । नर्मदा को बचाने की जरूरत है । आप अपनी राय जरुर दें