नर्मदा क्षेत्र बरमान में रविवार को सूरजकुंड स्नान करने जाने वालों की भीड़ जिले से ही नहीं बरन पूरे प्रदेश से पहुंचती है कई वर्षों से नर्मदा क्षेत्र बरमान के सूरजकुंड में रविवार के दिन स्नान करने वालों की भारी भीड़ पहुंचती है ऐसी किवदंती है कि महाभारत काल मे कुंती ने यहां पर सूर्य की आराधना कर संतान के रूप में कर्ण को पाया था इसलिए इस कुंड को सूरजकुंड कहा जाता है इस सूरजकुंड का नर्मदा जल कड़ाके की ठंड में भी गुनगुना बना रहता है हिंदू परंपरा अनुसार सूर्य की रविवार को पूजा की जाती है इसलिए इस सूरजकुंड में लोग रविवार को स्नान कर सूर्य की पूजा करते हैं लोगों का ऐसा मानना है की पांच रविवार सूरजकुंड में जो स्नान करता है सारे चर्म रोग एवं अन्य रोग दूर हो जाते हैं इसलिए रविवार को सूरजकुंड में आस्था का सैलाब उमड़ता है