बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से ममता देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या साइकोसिस में खाने के आदतों में बदलाव आते हैं ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक के पंचायत कोशला से जुली कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि साइकोसिस के बारे में जागरूकता क्यों जरूरी है ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से महालक्ष्मी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि साइकोसिस का जल्दी पता लगाना क्यों जरूरी है ?
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साइकोसिस का जल्दी पता लगाना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि शुरुआती पहचान से इलाज समय पर शुरू किया जा सकता है। इससे लक्षण बढ़ने से पहले ही नियंत्रण में आ जाते हैं और व्यक्ति जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है। देर होने पर अव्यवस्था गंभीर हो सकती है और ठीक होने में ज़्यादा समय लग सकता है। जल्दी इलाज से पुनः होने का खतरा भी कम हो जाता है।
Nov. 8, 2025, 5:36 p.m. | Tags: information health mentalhealth
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से नुराई देवी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या तनाव साइकोसिस को ट्रिगर कर सकता है ?
बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से सुमित्रा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि क्या आनुवंशिकी साइकोसिस में भूमिका निभाती है ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से गीता देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या साइकोसिस किसी भी उम्र में हो सकती है ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से मीनु कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या किशोरावस्था में साइकोसिस के कारण हो सकते हैं ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से मुस्कान कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या मतिभ्रम साइकोसिस का लक्षण है ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से संगीता देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि साइकोसिस के मुख्य लक्षण क्या हैं
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या साइकोसिस एक गंभीर मानसिक स्थिति है ?
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हाँ, साइकोसिस एक गंभीर मानसिक स्थिति है। इसमें व्यक्ति को वास्तविकता और कल्पना में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। उसे भ्रम, मतिभ्रम या असामान्य सोच जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह व्यक्ति के व्यवहार, रिश्तों और दैनिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
Nov. 8, 2025, 5:33 p.m. | Tags: information health mentalhealth

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हाँ, साइकोसिस में खाने की आदतों में बदलाव आ सकते हैं। कुछ लोग बहुत ज़्यादा खाने लगते हैं, जबकि कुछ का खाना बिल्कुल कम हो जाता है। भ्रम या मतिभ्रम की वजह से व्यक्ति को लग सकता है कि खाना ज़हरीला है या कोई उसे नुकसान पहुँचाना चाहता है, इसलिए वह खाने से बच सकता है। दवाओं के असर से भी भूख बढ़ या घट सकती है। इसलिए इलाज के दौरान खान-पान की निगरानी जरूरी होती है।
Nov. 8, 2025, 4:19 p.m. | Tags: information health mentalhealth