बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज ब्लॉक से सुधा देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी चाहती हैं कि क्या नशीले पदार्थों का दुरूपयोग और निर्भरता का इलाज संभव है ?

बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज ब्लॉक से सलोनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी चाहती हैं कि क्या तनाव नशीले पदार्थों का दुरूपयोग बढ़ा सकता है ?

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हाँ, तनाव नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और लत के खतरे को काफी बढ़ा सकता है। शोध से पता चला है कि लगातार या बार-बार होने वाला तनाव मस्तिष्क के उन हिस्सों को प्रभावित करता है जो सुख और राहत का अनुभव कराते हैं, और यही हिस्से नशे के पदार्थों से भी सक्रिय होते हैं। जब व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है या जीवन में किसी बड़े मानसिक आघात से गुजरता है, तो उसका आत्म-नियंत्रण कम हो जाता है और आवेग बढ़ जाता है। ऐसे में लोग तनाव से राहत पाने के लिए शराब, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों का सहारा लेने लगते हैं। समय के साथ यह एक चक्र बन जाता है जिसमें तनाव नशे की इच्छा को बढ़ाता है और नशे का सेवन तनाव को और बढ़ा देता है। इस चक्र को तोड़ने के लिए तनाव को सही तरीके से संभालना बेहद ज़रूरी है। नियमित व्यायाम, ध्यान, योग, परिवार और दोस्तों से बातचीत, और जरूरत पड़ने पर परामर्श लेना तनाव को कम करने के अच्छे तरीके हैं। तनाव को स्वस्थ तरीकों से नियंत्रित करना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक होता है और नशे की लत से बचाव में मदद करता है।
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Nov. 7, 2025, 5:27 p.m. | Tags: information   health   mentalhealth  

बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज प्रखंड से नीलम ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि जोखिम भरा व्यवहार क्या होता है?

बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज ब्लॉक से कुमकुम कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी चाहती हैं कि क्या वयस्कों से साइकोसिस के बारे में बात करना जरुरी है ?

बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से रूबी देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि क्या नशीले पदार्थों का दुरूपयोग गंभीर समस्या है ?

बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से चिंता देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि क्या साइकोसिस वाले व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकते हैं ?

बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से राम जनम चौहान मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि क्या तनाव वयस्कों में साइकोसिस को ट्रिगर कर सकता है ?

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हाँ, तनाव कई बार वयस्कों में साइकोसिस को शुरू कर सकता है, खासकर अगर व्यक्ति पहले से मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर या संवेदनशील हो। जब कोई बहुत ज़्यादा या लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो दिमाग के रासायनिक संतुलन पर असर पड़ता है। इससे कभी-कभी भ्रम, मतिभ्रम या सोच में गड़बड़ी जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। इसलिए तनाव को संभालना बहुत ज़रूरी है।
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Nov. 8, 2025, 4:18 p.m. | Tags: information   health   mentalhealth  

बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से लक्ष्मी देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि क्या वयस्कों में साइकोसिस के कारण वास्तविकता से सम्बन्ध टूट जाता है ?

बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से संगीता कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि क्या वयस्कों में साइकोसिस के कारण मतिभ्रम होते हैं?

बिहार राज्य के नवादा ज़िला के नारदीगंज प्रखंड से सुप्रिया कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या सोशल मीडिया का असर आत्महानि और आत्महत्या पर पड़ता है ?