बिहार राज्य के नवादा जिला से पूजा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार देने से लोग कतराते हैं। कहा जाता है कि लड़कियां शादी के बाद पराए घर की हो जाती है। हिन्दू उत्तराधिकारी संशोधन कानून के तहत बेटी को जन्मजात हक होने के बावजूद अक्सर परिवारिक समबंध खराब होने या भाई बहन में तनाव के डर से हिस्सा नहीं दिया जाता है। यह मान्यता है कि बेटा से वंश आगे बढ़ता है और वह बुढ़ापा का सहारा बनता है। कुछ लोगों का मानना है कि जब शादी में अधिक खर्चा कर देते हैं तो जमीन में हिस्सा देने की जरूरत नहीं है। बेटा और बेटी को बराबर का अधिकार दिया गया है।लोगों को यह डर रहता है कि बेटी को जमीन में अधिकार देने से रिश्ते खराब न हो सकते हैं । महिलाएं इसी डर से अपना अधिकार नहीं मांगती है। बेटी भी बराबर का हक़दार है।
