बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि परम्परा और सामजिक दबाव के कारण बेटियों को पैतृक सम्पत्ति में अधिकार नही दिया जाता है।दहेज के साथ बेटी की शादी करने के बाद समाज उन्हें पैतृक सम्पत्ति का हकदार नही मानता है।