बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज ब्लॉक से नंदनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी चाहती हैं कि क्या नशीले पदार्थों का दुरूपयोग और निर्भरता वाले व्यक्ति को शर्म महसूस करनी चाहिए ?
बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज ब्लॉक से नंदनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी चाहती हैं कि क्या नशीले पदार्थों का दुरूपयोग और निर्भरता वाले व्यक्ति को शर्म महसूस करनी चाहिए ?
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नहीं, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग या निर्भरता से जूझ रहे व्यक्ति को कभी शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। नशे की लत कोई नैतिक कमजोरी या इच्छाशक्ति की कमी नहीं है, बल्कि यह एक चिकित्सीय समस्या है जो मस्तिष्क और व्यवहार को प्रभावित करती है। शर्म और अपराधबोध की भावना स्थिति को और खराब कर देती है, जिससे व्यक्ति मदद लेने या अपनी परेशानी साझा करने से हिचकिचाने लगता है। समाज को ऐसे लोगों की आलोचना करने के बजाय उनके प्रति सहानुभूति, समझ और सहयोग का रवैया अपनाना चाहिए। परिवार, समुदाय और उचित उपचार या परामर्श की मदद से नशे की लत से उबरना पूरी तरह संभव है। हर व्यक्ति देखभाल और सम्मान का हकदार है, और मदद मांगना कमजोरी नहीं बल्कि ताकत की निशानी है। नशे की लत से मुक्ति की शुरुआत करुणा से होती है, दूसरों की ओर से भी और खुद के प्रति भी।
Nov. 7, 2025, 5:28 p.m. | Tags: information health mentalhealth