1947 में जब भारत को आजादी मिली तब सबसे पहला सवाल यही था कि देश का नाम क्या होगा? इसके लिए संविधान सभा ने गहन विचार-विमर्श किया, इस पर कई अलग-अलग बहसें हुईं, कई नामों के प्रस्ताव आए, वोटिंग कराई गई। इस सब के बाद इसका नाम भारत और इंडिया माना गया, उसके बाद देश को नाम मिला ‘India that is Bharat’ इस बात को संविधान के पहले अनुच्छेद में ही स्पस्ट कर दिया गया कि जो इंडिया है वही भारत है। हमारे पूर्वज देश का नाम चुनने को लेकर इतनी मेहनत पहले ही कर चुके हैं, तब 75 साल से ज्यादा के बाद नाम बदलने का फैसला करना या फिर उसके बारे में सोचना कितना सही है।
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मोबाइल वाणी का प्रशिक्षण हुआ संपन्न। नावेद जी द्वारा डिस्ट्रिब्यूटेड मॉडरेशन का ट्रेनिंग विस्तार पूर्वक दिया गया
उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ जिला के तकरोही से नीलम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से विकाश से बातचीत किया। बातचीत के दौरान विकाश ने बताया की, इन्हे राशन कार्ड पर पत्नी का नाम जुड़वाना है और बच्चे का आधार कार्ड बनवाना है, इसके लिए इन्हे सहायता चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ जिला के तकरोही से नीलम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सुनीता से बातचीत किया। बातचीत के दौरान सुनीता ने बताया की, इनका राशन कार्ड नहीं बन रहा है और इनके बच्चे का आधार कार्ड नहीं बन रहा है, इसके लिए इन्हे सहायता चाहिए।
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उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ जिला के तकरोही से नीलम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से छोटेलाल से बातचीत किया। बातचीत के दौरान छोटेलाल ने बताया की, इनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहा है, इसके लिए इन्हे सहायता चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ जिला के तकरोही से नीलम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शिवलाल से बातचीत किया। बातचीत के दौरान शिवलाल ने बताया की, इनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहा है, इसके लिए इन्हे सहायता चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ जिला के तकरोही से नीलम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राहुल से बातचीत किया। बातचीत के दौरान राहुल ने बताया की, इनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहा है, इसके लिए इन्हे सहायता चाहिए ।
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