CRISIL के अनुसार 2022-23 में किसान को MSP देने में सरकार पर ₹21,000 करोड़ का अतिरिक्त भार आता, जो कुल बजट का मात्र 0.4% है। जिस देश में ₹14 लाख करोड़ के बैंक लोन माफ कर दिए गए हों, ₹1.8 लाख करोड़ कॉर्पोरेट टैक्स में छूट दी गई हो, वहां किसान पर थोड़ा सा खर्च भी इनकी आंखों को क्यों खटक रहा है? आप इस पर क्या सोचते है ? इस मसले को सुनने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें
चतरा को झारखण्ड या छोटा नागपुर का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। 1857 के विद्रोह के दौरान छोटानागपुर में विद्रोहियों और ब्रिटिशों के बीच लड़ा जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई ‘चतरा की लड़ाई’ थी। चतरा झारखंड राज्य की राजधानी से रांची जिले से करीब 124 किलोमीटर दूर है। चतरा में आप सड़क माध्यम के द्वारा पहुंच सकते है। और क्या क्या घूमने लायक है चतरा ज़िले में , ये जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
दोस्तों, हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।
नमस्कार आदाब श्रोताओं मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है, रोजगार समाचार यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो उत्तर प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा निकाली गई फार्मासिस्ट आयुर्वेद के 1002 पदों पर कार्य करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने फार्मेसी में डिप्लोमा किया हो। इसके साथ ही आवेदनकर्ता की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष होनी चाहिए। इन पदों के लिए आवेदन शुल्क सभी उम्मीदवारों के लिए 25 रुपए रखा गया है।अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है https://www.freejobalert.com/upsssc-pharmacist-ayurveda-2024/1075332/ ।याद रखिए इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 03-03-2024 है। तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी ऐप पर लाइक का बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं।
जामिया एलुमनाई एसोसिएशन लखनऊ की ओर से डायमंड पैलेस होटल में रविवार के दिन एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया। इस मौके देश और विदेश में बसे जाामिया से तालीमयाफता छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रोग्राम में मुख्य अतिथि के तौर इंटीग्रल यूनिवर्सिर्टी लखनऊ के वाइस चांसलर वसीम अख्तर ने शिरकत की और विशिष्ट अतिथियों में मेंबर ऑफ पार्लियामेंट जावेद अली खां, अमरोहा सांसद दानिश अली, पूर्व मंत्री व विधायक कमाल अख्तर, पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली, सीनियर समाजवादी नेता अमीक जमाई व शारिक के अलावा युवा नेता व पूर्व छात्र जावेद उल्लाह मौजूद थे। इस मौके पर इंटीग्रल यूनिवर्सिर्टी लखनऊ के वाइस चांसलर वसीम अख्तर ने जामिया मिल्लिया के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया इल्म व अदब का गहवारा है और जामिया की वजह से ही हम सब यहां मौजूद है। इस मौके पर युवा नेता जावेद उल्लाह ने जामिया एलुमनाई एसोसिएशन संभल की ओर से नुमाइंदगी करते हुए कहा कि जामिया के छात्र आज देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपना परचम लहरा रहे हैं। साथ ही उन्होंने ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह के प्रोग्राम का आयोजन देश के हर हिस्से में होना चाहिए। इससे न सिर्फ नए छात्रों को पुराने छात्रों से मिलने का मौका मिलता है बल्लि उनकी हौसलाअफज़ाई भी होती है। इस मौके पर सभी ने अपने वर्तमान ओहदों को भूलकर जामिया में बिताई अपनी पुरानी यादों को ताज़ा किया।
प्राथमिक विद्यालय सुख खेड़ा में शिक्षण संकुल बैठक फरवरी माह का आयोजन किया गया जिसमें नई पंचायत अमरावली के तहत 11 अप्रैल एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने प्रतिभा किया जिसमें शिक्षा से संबंधित या स्कूलों में जो भी समस्याएं हैं उन विषयों से संबंधित चर्चा की गई।
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ बैगन को कोहरे से बचाने के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
देश के किसान एक बार फिर नाराज़ दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले साल नवंबर 2020 में किसानों ने केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के रद्द करने के लिए दिल्ली में प्रदर्शन किया था और इसके बाद अगले साल 19 नवंबर 2021 को केंद्र सरकार ने तीनों कानून वापस ले लिए थे, हालांकि इस दौरान करीब सात सौ किसानों की मौत हो चुकी थी। उस समय सरकार ने किसानों की कुछ मांगों पर विचार करने और उन्हें जल्दी पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन ऐसा अब तक नहीं हआ है। और यही वजह है कि किसान एक बार फिर नाराज़ हैं।
सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की क्षमता बढ़ा सकते है।
