वन विभाग ने बताया विछिया में पांच प्रकार के पाए जाते हैं हिरन

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अयोध्या में 22 जनवरी को विराजेंगे राम लला

परछाई से मिलकर चलना हम सब की मजबूरी है,सेहत अगर बनानी है तो हंसना बहुत जरूरी है -कनैली के ऐतिहासिक मेले में कवि सम्मेलन का आयोजन करारी। कौशाम्बी ब्लॉक के कनैली गांव के ऐतिहासिक मेले में बुधवार की रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के कई हिस्से से आए कवियों ने कविता के माध्यम से लोगों को लोटपोट कर दिया। मेला के अध्यक्ष अजय सिंह पटेल ने कवियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कौशाम्बी ब्लॉक के कनैली गांव का मेला काफी ऐतिहासिक है। इस बार मेला अध्यक्ष अजय सिंह पटेल जी द्वारा 'विराट कवि सम्मेलन' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नितेश मिश्र ने वीणा वादिनी मां सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद राष्ट्रीय कवि सुजीत जायसवाल ने पढ़ा-हर सामान जहां मुफ़्त वो दुर्लभ दुकान अम्मा। दुःख जल प्रहार में सम्हल रहा मकान अम्मा। गाय चाटती बछड़े सा, मां करती हैं स्नेह दुलार। निहारते ही ओझल करे मेरी तन की थकान अम्मा। टूंडला के राम राहुल ने पढ़ा-'परछाई से मिलकर चलना हम सब की मजबूरी है,सेहत अगर बनानी है तो हंसना बहुत जरूरी है'। अमेठी के शिव भानू कृष्ण ने पढ़ा-'यारो की दोस्ती पर जां निसार करता हूं, हां ये सच है मैं अपनी मां से प्यार करता हूं। अपर्णा जायसवाल 'अविरल' ने पढ़ा-हमारे शब्दों में हो कोई एक ऐसी डायनामाइट, कलम से आग लगाओ तो कोई बात बनें। दुर्गेश पांडेय' दुर्लभ' ने पढ़ा-जिसने दुनिया को राम दिया, मैं उसी अवध की माटी हूं।हास्य कवि राजकुमार अंजाना के शानदार मंच संचालन से सुधी श्रोताओं को सम्मोहित किया। इस मौके पर कौशाम्बी के कवि शिव नरेश भारती, आशीष कविगुरु , अभिलाषा सिंह अजान, प्रयागराज के धनंजय शाश्वत, शाहिद सफ़र, अंबेडकर नगर के अजय उपाध्याय, ललितपुर की महिमा सोनी ने भी काव्य पाठ कर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। अंत में मेला अध्यक्ष अजय सिंह पटेल ने सभी कवि,शायर को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

है भारत का सान मगर सम्मान बचालें तो जानें बदल गए स्कूल मगर शिक्षक भी बदलें तो जानें 1.एक ही मास्टर जी बार-बार हर बिषय पढ़ाने आते हैं हिंदी के जो टीचर है वह गणित पढ़ने आते हैं मोबाइल से लगे पढ़ाने ऐसे भी शिक्षक क्या जानें है भारत ............….......................... तो जानें 2.मोदी जी ने स्कूलों में तो सुविधा खूब बढ़ाया है पर शिक्षक की कमी हमेशा स्कूलों में हमने पाया है बच्चों की शिक्षा के प्रति अब हम आवाज उठाते हैं गांवों के हर स्कूलों में शिक्षक बढ़ावा दे तो जानें है भारत .........….......................... तो जानें 3.संस्कार और संस्कृतियों का कॉलेज में सम्मान नहीं अंग्रेजी का मान बहुत है हिंदी का सम्मान नहीं हरिवंश जी के कविता को पढ़ कर समझो तो जानें है भारत .........….......................... तो जानें लेखक -हरिवंश प्रताप - मो० 8765674570

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सहजन के औषधिये गुण

देश में भारी मात्रा में युवा बेरोजगार है

Paryavaran pradushan se Hui Janata bimar nahin de rahe Dhyan Kisan bhai jiski vajah se ho rahi barish bhi kam