मिर्जापुर। गौशाला में गायों की दुर्दशा,सूखा भूसा खाकर तोड़ रही दम, सहभागिता में भी हो रहा बड़ा खेल,टैग लगी कई गाय कस्बे में घूम रही। ग्राम पंचायत बुढहौरा शेरगंज के मजरा मोहद्दीनपुर घटियुरा मे चवालीस गायों की क्षमता वाली गौशाला का विस्तारीकरण कराये बिना ही चालीस से अधिक गायों को बढ़ा लिया गया है जिससे उनके खुले आसमान के नीचे ही रखा जा रहा है गोपाल नरेन्द्र कुमार ने बताया कि गायों के लिए सूखा भूसा ही उपलब्ध कराया जा रहा है।दाने के नाम पर महीने में एक बार ही पचास किलो दाना ही उपलब्ध कराया जाता है। गायों को हरा चारा व दाना न मिलने के कारण सभी गायों की स्थिति काफी दयनीय है,सूखा भूसा खाकर वह काफी कमजोर हो चुकी है जिससे हर सप्ताह एक गाय दम तोड रही है।मृतक गायों की सूचना भी पशु चिकित्साधिकारी को दिये बिना ही उसको दफना दिया जाता है।अब इसमें यही से सहभागिता में भी खेल शुरू हो जाता है , गौशाला की जो गाय मर जाती है उसकी सूचना पशु चिकित्साधिकारी को न देकर अपने निजी व्यक्ति के घर पर पल रही गाय को गौशाला की मरी गाय के स्थान पर दिखाकर उसका टैगिंग कराकर उसके नाम गौशाला से गाय को रिलीज कर दिया जाता है। जब तक यह गाय दूध देती है तब तक तो लोग उसे बांधकर रखते हैं और दूध बंद हो जाने पर उसे छोड़ देते हैं।टैग लगी कई गाय कस्बे में घूम रही है।इन बेसहारा पशुओं से किसान काफी परेशान हैं रात दिन खेतों में रहकर फसल की रखवाली कर रहा है। मगर मिर्जापुर ब्लाक में मोहद्दीनपुर घटियुरा के अलावा शेरपुर कुर्रिया तथा दहेलिया में बनी गौशालाओं में भी यही खेल चल रहा है,मजे की बात तो यह है कि मोहद्दीनपुर घटियुरा की गौशाला से अबतक एक सौ बीस गाय सहभागिता के अन्तर्गत लोगों को दी जा चुकी हैं। मगर न तो गौशाला में गायों की संख्या कम हुई और न ही कस्बे में घूम रही बेसहारा गायों की आखिर कहां से सहभागिता की गयी इसका जबाब कोई भी जिम्मेदार देने को तैयार नही है। ------------ फोटो-गंदगी के बीच बैठे गोवंशीय।