ढाईघाट में में लगी अचानक आग से झुलसे मिर्ज़ापुर। ढाईघाट में चल रहे माघ मेले में रविवार अपराह्न करीब ढाई बजे कल्पवास कर रहे संत भीखमदास के खाक चौक आश्रम में अचानक आग लग गयी। जिससे आश्रम के महंत भीखमदास की झोपड़ी और एक शिष्य की राऊटी में रखा खाने पीने का समान,विस्तर,कपड़े आदि सबकुछ जलकर राख हो गया। पास में खड़ी भक्तों की दो बॉइक भी आंशिक रूप से जल गयीं। आग में धू धू कर जल रही झोपड़ी और राओटी से सामान निकालने में संत भीखमदास भी झुलस गये। जिन्हें मेले के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां किसी स्वास्थ्यकर्मी तक के नहीं मिलने पर झुलसे संत को इलाज के लिए शमशाबाद ले जाया गया है। मेले के प्रवेश द्वार के निकट खाक चौक आश्रम में संत भीखमदास अपने शिष्यों और भक्तों के साथ कल्पवास कर रहे थे। अचानक उनकी झोपड़ी में आग लग गयी। जिससे झोपड़ी धू धू कर जलने लगी। जबतक आसपास के लोग आग पर काबू कर पाते,तबतक आग ने उग्र रूप धारण कर पड़ोस की एक राऊटी को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना पर पहुंची दमकल यूनिट ने जैसे तैसे आग पर काबू पाया। अन्यथा सदर से पश्चिम का पूरा मेला ही आग की भेंट चढ़ जाता। झुलसे संत भीखमदास के शिष्य कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि झुलसे संत को प्राथमिक उपचार के लिए मेले के स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। जहां जितेन्द्र नाम के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही मौजूद थे। जिन्होंने कोई डॉक्टर-कम्पाउंडर नहीं होने की कहकर झुलसे संत को शमशाबाद ले जाने की सलाह दी।
