गौशाला का निरीक्षण करते नोडल अधिकारी। तिरपाल, काऊ कोट व अलाव की समुचित व्यवस्था कराए जाने की हिदायत फतेहपुर जनपद में अवशेष निराश्रित गोवंशो को शत प्रतिशत संरक्षित किये जाने व उनके भरण पोषण के संबंध में किये जा रहे प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के संबंध में शासन स्तर से नामित नोडल अधिकारी एवं कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के विशेष सचिव राजेश कुमार प्रजापति ने शनिवार को गौ आश्रय स्थल रामपुर थरियांव, गौ आश्रय स्थल संवत एवं गौ आश्रय स्थल मझटेनी, कान्हा गौशाला नगर पंचायत व गौआश्रय स्थल कारीकान धाता का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय डा. नवल किशोर, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी एवं गौशालाओं से सम्बन्धित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। गौ आश्रय स्थल रामपुर थरियांव में 333 गौवंश संरक्षित किये गये। जिसमें 71 नर एवं 262 मादा गोवंश है। गौशाला में भरण पोषण हेतु 250 कु० भूसा तथा पशुआहार 30 किग्रा० एवं 03 कु० खली उपलब्ध पाया गया एवं सभी गोवंशो को हरा चारा खिलाया जा रहा है। 06 गौपालक कार्य कर रहे है। गौशाला में हरा चारा उत्पादन हेतु 0.8 हे0 में बरसीम बोयी गयी है। गौशाला के शेडो मे तिरपाल लगा है एवं फेन्सिंग अच्छी है। गौशाला को स्वावलम्बी बनाने हेतु मछली पालन, वर्मी कम्पोस्ट एवं पोल्ट्री फार्मिंग हेतु शड बनाया जाये जिसको स्वयं सहायता समूह के सदस्यों से संचालित कराने हेतु सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया साथ ही गौशाला कर्मी के अवशेष भुगतान एवं गौशाला सम्बन्धी कार्य क्षेत्र पंचायत निधि/मनरेगा से कराने हेतु निर्देशित किया। गौशाला से सहभगिता योजनान्तर्गत 11 गोवंशो को सुपुर्दगी में दिया गया है। गौ आश्रय स्थल संवत में कुल 107 गौवंश संरक्षित किये गये है जिसमें से नर 19 एवं मादा 88 है। गौशाला में पर्याप्त भूसा, हरा चारा एवं पानी की व्यवस्था है। गौशाला में तिरपाल, काऊकोट, अलाव की समुचित व्यवस्था है। भरण-पोषण हेतु भूसा, दाना की पर्याप्त व्यवस्था है एवं 15 गौपालक कार्य कर रहे है। 0.53 हे0 भूमि पर हरे चारे हेतु जई एवं बरसीम की बुआई की गयी है। गौशाला में चेफ कटर मशीन लगी है। गौशाला में मछली पालन एवं वर्मी कम्पोस्ट का कार्य पूर्ण कराने हेतु निर्देशित किया। साथ ही एसएफसी पूलिंग की धनराशि बढ़ाने हेतु भी निर्देशित किया। गौ आश्रय स्थल मझटेनी में कुल 157 गौवंश संरक्षित किये गये है जिसमें से नर 26 एवं मादा 131 है। गौशाला में भूसा 30 कु0, 3.5 कु० पशुआहार एवं हरे चारे एवं पानी की व्यवस्था है। गौशाला में 04 शेडो में तिरपाल लगे हुये है एवं 80 काऊकोट उपलब्ध है। गौशाला में 04 स्थानो में अलाव की व्यवस्था है। गौशाला में हरे चारे हेतु 03 हे0 भूमि पर बरसीम की बुआई की गयी है। सम्बन्धित प्रधान को गौशाला की उचित साफ सफाई हेतु निर्देशित किया गया। पशुचिकित्सााधिकारी द्वारा गौशाला के अभिलेखों व रजिस्टर निरीक्षण कराया गया। नगर पंचायत खागा के अंतर्गत आने वाली कान्हा गौशाला में कुल 393 गौवंश संरक्षित किये गये हैं जिसमें से नर 188 एवं मादा 205 है। गौशाला में भूसा 95 कु0, 2.5 कु० पशुआहार एवं हरे चारे एवं पानी की व्यवस्था है। गौशाला सभी शेडो में तिरपाल लगे हुये है एवं 80 काऊकोट उपलब्ध है। गौशाला में 04 स्थानों मे अलाव की व्यवस्था है। गौशाला में हरे चारे हेतु 06 बीघा भूमि पर बरसीम की बुआई की गयी है। गौशाला में कुल 05 गौपालक है जिनका भुगतान दिसम्बर तक कर दिया गया है। हरे चारे की कटाई हेतु चेफ कटर मौजूद है। गौशाला में साफ सफाई एवं गौवंश की संख्या के अनुसार शेड का विस्तारीकरण करें साथ ही नगर पंचायत क्षेत्र में यदि कोई निराश्रित गोवंश विचरण कर रहा है तो उसको संरक्षित किया जाये।
