श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा ________________________________________ प्राण प्रतिष्ठा तिथि राम के, मंदिर की आने वाली। घर घर भगवा रंग है छाया, आई हर घर खुशहाली।। आज अवध की शोभा देखो, स्वर्ग लोक से भी न्यारी। वर्ष पांच सौ बाद राम के, मंदिर की हुई तैयारी। पत्ता - पत्ता 'राम' रट रहा, भगवा रंग सजी डाली। घर घर भगवा रंग है छाया, आई हर घर खुशहाली।। बच्चा बच्चा राममय हुआ, बसे राम हर सीने में। राम राम गुंजायमान है, मंदिर और मदीने में।। रात चांद में राम दिखें, भगवा रंग सूरज की लाली। घर घर भगवा रंग है छाया, आई हर घर खुशहाली।। आओ सब मिल करें राम, उनके मंदिर का अभिनंदन। भाल तिलक और पीत वसन, धारण कर इनको वंदन।। हर घर घी के दिए जलाकर, आओ मनाएं दीवाली। घर घर भगवा रंग है छाया, आई हर घर खुशहाली। सत्य सनातन धर्म प्रणेता, राम रहे तिरपाल में। जन्मभूमि का प्रमाण दे रहे, राजनीति जंजाल में।। शारद…हजारों रामसेवकों, ने गरदनें कटा डालीं। घर घर भगवा रंग है छाया, आई हर घर खुशहाली।। प्राण प्रतिष्ठा तिथि राम के, मंदिर की आने वाली।। घर घर भगवा रंग है छाया, आई हर घर खुशहाली।। _________________________________________ शारद पंडित प्रशांत कुमार "पी.के." पाली, हरदोई (उत्तरप्रदेश)
