जिला भूमि संरक्षण समिति / वाटरशेड कम डेटा सेन्टर (W.C.D.C.) समिति की बैठक सम्पन्न फतेहपुर जिलाधिकारी श्रीमती सी.इंदुमती की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गाँधी सभागार में जिला भूमि संरक्षण समिति / वाटरशेड कम डेटा सेन्टर (W.C.D.C.) समिति की बैठक सम्पन्न हुई बैठक का मुख्य एजेण्डा पी०एम०के०एस०वाई० जलागम विकास घटक (2.0) के तहत भूमि संरक्षण इकाई (राष्ट्रीय जलागम) को विकास खण्ड-अमौली में 4750हे0 क्षे० तथा भूमि संरक्षण इकाई ई०ई०सी० खागा को विकास खण्ड धाता में 2726 हे0 क्षे० सीमाकृत किया गया है। उपरोक्त परियोजनाओं में जल एवं भूमि संरक्षण, उत्पादन प्रणाली तथा आजीविका संवर्धन कम्पोनेट में धनराशि व्यय किये जाने का प्राविधान है यह योजना उ०प्र० के परती भूमि विकास विभाग द्वारा संचालित है जिसका क्रियान्वयन कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा कराया जा रहा है यह योजना प्रदेश के 34 जनपदों में कुल 51 क्लस्टर में चलाई जा रही है, जनपद फतेहपुर में परियोजना का डी०पी०आर० बनाने हेतु स्टेप संस्था HBTI कानपुर को नामित किया गया है। संस्था द्वारा डी०पी०आर० तैयार कर अनुमोदन हेतु W.C.D.C. समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई अनुमोदन पश्चात डी०पी०आर० को लखनऊ स्टेट लेवल नोडल एजेन्सी को भेजा जाना है। क्लस्टर एप्रोच की इस योजना में लोगों को अजीविका संवर्धन (स्वयं सहायता समूह के माध्यम से) के कार्य, खेती एवं पशुपालन का विकास हेतु प्रदर्शन आयोजित करने नवीन तकनीकी का ज्ञान का सजीव प्रदर्शन तथा जल स्तर को ऊपर उठाने तथा हरीतिमा बढ़ाने एंव मृदा अपरदन को रोकने हेतु मृदा संरचनाओं का निर्माण एवं वनीकरण कराये जाने हेतु विभिन्न कार्य डी०पी०आर० में प्रस्तावित किये गये है। भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा संचालित खेत तालाब, एन०एम०एस०ए० (आर०ए०डी० घटक) /पं०दी०द० उपा० योजना के प्रगति समीक्षा की गयी। बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की गयी जिसमें मुख्य विकास अधिकारी , उप कृषि निदेशक, उपायुक्त स्वतः रोजगार, उपायुक्त श्रम रोजगार (मनरेगा), जिला उद्यान अधिकारी, सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई,जिला सूचना अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी रा०जला०, भूमि संरक्षण अधिकारी ई०ई०सी० खागा इत्यादि अधिकारी उपस्थित रहे।
