अधिवक्ताआंे ने शिक्षिका फ़ातिमा शेख़ की मनाई जयंती फतेहपुर। कलेक्ट्रेट में भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका फ़ातिमा शेख़ की जयंती केक काटकर तथा उनके चित्र पर माल्यार्पण करके मनाई गई। इस अवसर पर मोहम्मद आसिफ एडवोकेट ने कहा कि फातिमा शेख उस्मान शेख की बहन थी, जिनके घर में ज्योतिबा और सावित्रीबाई फुले ने निवास किया था जब फुले के पिता ने दलितों और महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे उनके कामों की वजह से उनके परिवार को घर से निकाल दिया था। वह आधुनिक भारत में सबसे पहली मुस्लिम महिला शिक्षकों में से एक थी और उन्होंने स्कूल में दलित बच्चों को शिक्षित करना शुरू किया। ज्योतिबा और सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख के साथ, दलित समुदायों में शिक्षा फैलाने का कार्य किया फ़ातिमा और सावित्रीबाई फुले ने मिलकर समाज में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए काम किया। यह फातिमा शेख थी जिन्होंने हर संभव तरीके से सावित्रीबाई का दृढ़ता से समर्थन किया। इस मौके पर शफीक उल गफ्फार खां एडवोकेट, अभिलाष त्रिवेदी एडवोकेट, आशीष गौड़ एडवोकेट, बाबूलाल करुणाकर एडवोकेट, चन्द्र पाल मौर्य एडवोकेट, अजलाल फारुकी एडवोकेट, माया देवी एडवोकेट, बुद्ध प्रकाश एडवोकेट, शब्बीर खान, लड्डन चाचा, एहसान अहमद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
