लोगों ने अपने शहर से हवाई सफर का सपना एक दशक पहले देखा था। तब हमारे पास हवाई पट्टी तो थी लेकिन यहां से लोगों के लिए घरेलू उड़ान की सुविधा संभव नहीं थी। निर्यातकों व व्यापारियों की लगातार मांग के बाद सरकार ने हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में तब्दील करने का फैसला लिया। एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया, जिसे हाल ही में लाइसेंस भी मिल गया है।अब उम्मीद है कि पहले साल में उड़ान के सपने को पंख लगने वाले हैं। बेशक लोगों ने इसके लिए एक दशक इंतजार किया है लेकिन अब उड़ान शुरू होने के बाद सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी। हवाई अड्डे के बनने से न सिर्फ मूंढापांडे में जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं, बल्कि लोगों को आसपास होटल कारोबार का मौका मिला है।