लालगंज रायबरेली सीबीएसई बोर्ड से संचालित एसजेएस पब्लिक स्कूल लालगंज में गुरु नानक जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर एसजेएस के प्रबंधक अग्रज सिंह ने कहा कि जहां कार्तिक पूर्णिमा पर्व हमारा पारंपरिक त्यौहार है वही गुरु नानक हमारे आदर्श हैं। महान सिख गुरु नानक जी के बताए हुए रास्ते पर चलकर आज हम भारत को और महान बना सकते हैं। उन्होंने गुरु नानक जयंती पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नानक जी का जन्म 1469 को पंजाब के तलवंडी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था। यह स्थान अब पाकिस्तान में है। इस जगह को ननकाना साहिब भी कहा जाता है।इनके पिता का नाम कल्याण चंद और माता का नाम तृप्ता था। इसके बाद 24 सितंबर 1487 इनका विवाह माता सुलक्कनी के साथ हुआ। नानक सिख धर्म के संस्थापक थे। गुरु नानक जी द्वारा 974 भजनों का योगदान दिया गया है। वही प्रधानाचार्य श्रीमती अंजू सिंह ने कहा कि सिख धर्म के लोग अपने गुरु की जयंती कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाते है। गुरु नानक जी ने अपना पूरा जीवन समाज सुधार के कार्यों में समर्पित कर दिया।इन्होंने जात-पात और ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने के लिए खास कदम उठाए और लोगों को इंसानियत व ईमानदारी की एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया।इसके लिए इन्होंने कई उपदेश दिए। नानक साहब द्वारा समाज सुधार के लिए ज्ञान का प्रकाश फैलाया गया है।यही कारण है कि इनकी जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर परशालिनी श्रीवास्तव, प्रीति त्रिवेदी ,उमेश कुमार, रियाजुद्दीन, अजय सिंह सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।