कोमल गुप्ता, अमेठी खबर अमेठी तहसील क्षेत्र के संग्रामपुर से है जहा रविवार से आस्था के पर्व छठ की शुरुआत हुई है।छठ पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू हुआ।पंचमी को खरना षष्ठी को डूबते सूर्य को अर्ध्य और सप्तमी को उगते सूर्य को जल अर्पित कर व्रत सम्पन्न करने के लिए व्रत की शुरुआत की जाती है जो कि चार दिन तक चलने वाले इस पर्व में सूर्य व छठी मईया की पूजा की जाती है।इस व्रत को सुहागिन महिलाएं बड़ी कठिनाईयों से पूर्ण करती है। संग्रामपुर क्षेत्र के कालिकन धाम सगरा में बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाओं ने ठंडे पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर सूर्य की उपासना की । भौसिंहपुर तारापुर के साथ कई ग्राम पंचायतों की सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखकर कालिकन धाम सगरे में सगरा के अंदर प्रवेश कर ठंडे पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य की आराधना की। तारापुर की एक महिला ने बताया कि यह पर्व 2001 से वनारस से आरंभ किये थे, जो अपने ससुराल में यहां रहने लगे और लगभग तीन वर्षों से कालिकन धाम के सगरे में छठ मईया की सूर्य भगवान के अर्ध्य देकर मनाते हैं। सगरा पर पूजा करने आई एक विवाहिता ने बताया कि यह अस्था का पर्व अपने पुत्र की लम्बी आयु व परिवार के सुख शान्ति के लिए मनाते हैं। कालिकन धाम के पीठाधीश्वर महाराज ने बताया कि क्षेत्र की कुछ महिलाओं के चलते यह पर्व कालिकन धाम में मनाया जाने लगा आज अपने पुत्र की लम्बी आयु व परिवार में सुख-शांति के लिए मनाया जा रहा है । इस महापर्व डाला छठ में संग्रामपुर की रिंकू मिश्रा, लीलावती मिश्रा,दीपा सिंह , प्रतिमा देवी,व चंद्रा देवी के साथ और महिलाओं ने ठंडे पानी में खड़े होकर डूबते हुए सुर्य को अर्ध्य दिया।वहीं सुबह उगते सूर्य पानी में खड़े होकर कर अर्ध्य देंगी