अतरौलिया, क्षेत्र के बहिरादेव आश्रम (बाबा प्रथमदेव) तपोस्थली परम संत ब्रह्मलीन बाबा मुसईदास जी महाराज की समाधिस्थल पर चल रही यज्ञ के दूसरे दिन हजारो की संख्या में खचाखच भरे पंडाल में कथावाचक पूज्य संत राजन जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं श्री राम जी की कथा का सोपान कराया। इस कथा में राजन जी महाराज ने माता सती एवं भगवान शिव की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान शिव माता सती को अपना ईष्ट भगवान राम को ही बताया। उन्होंने कहा कि" सोई मम इष्ट देव रघुवीरा,सेवत जाहि सदा मुनिधीरा । भगवान शिव कहते हैं श्री राम ही मेरे ईष्ट है ।ऋषि मुनि, संत भक्त सब लोग ही उन्हें अपना इष्ट देव ही मानते हैं एवं श्री राम नाम का सेवन करते हैं। भगवान राम की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि इस कथा की श्रवण मात्र से ही मानव जीवन का कल्याण होता है। इस संगीतमई कथा के रसपान से श्रोता भी झूम उठे। इस मौके पर पहुंचे आईजी आजमगढ़ अखिलेश कुमार एवं अन्य अतिथियों का आयोजक अखिलेश सिंह ने आभार जताया। आयोजक अखिलेश सिंह ने कहा कि भगवान श्री राम की कथा 22 नवंबर तक चलेगी ।क्षेत्रवासी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर एवं कथा का सोपान करके अपने आप को पुण्य कमाए।