भाई दूज का इतिहास और महत्व । भाई दूज के दिन भगवान श्री कृष्ण नरकाशुर का हरने के बाद अपनी बहन सुभद्रा से मिलने गए थे और सुभद्रा ने उनका स्वागत मिठाई और फूलो से किया और तिलक भी लगाया था तभी से भाई दूज का पर मनाए जाने लगा।